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Gurugram Double Murder: जज की पत्नी और बेटे को मारकर चीखा था PSO महिपाल- ये हैं शैतान

वो 13 अक्टूबर 2018 का दिन था. दिन शनिवार था. ये शनि ही शायद उस दिन गुरुग्राम के जिला एवं सत्र जज कृष्णकांत की पत्नी और बेटे पर भारी पड़ गया था.

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aajtak.in
परवेज़ सागर गुरुग्राम, 07 February 2020
Gurugram Double Murder: जज की पत्नी और बेटे को मारकर चीखा था PSO महिपाल- ये हैं शैतान इस दोहरे हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था (फाइल फोटो)

  • गुरुग्राम में हुआ था सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड
  • बीच बाजार जज की पत्नी और बेचे को मार दी थी गोली

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में उस दिन पुलिस महकमा सकते में था, क्योंकि उस दिन अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज कृष्णकांत की पत्नी और बेटे को उनके सुरक्षाकर्मी (गनर) ने भरे बाजार गोलियों से छलनी कर दिया था. वारदात के बाद दोनों घायलों को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान जज की पत्नी रितु की मौत हो गई. वहीं, जज का बेटा ध्रुव कुछ दिन जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा, बाद में उसकी भी मौत हो गई थी. इस वारदात ने पुलिस अधिकारियों की नींद उड़ा दी. सवाल ये था कि आखिर जज की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया.

जज की पत्नी और बेटे लेकर बाजार गया था महिपाल

गुरुग्राम डबल मर्डर की पूरी दास्तान हम आपको सुनाते हैं. वो 13 अक्टूबर 2018 का दिन था. दिन शनिवार था. ये शनि ही शायद जिला एवं सत्र जज कृष्णकांत की पत्नी और बेटे पर भारी पड़ गया. दरअसल, उस दिन दोपहर करीब 3.30 बजे जज के परिवार की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी महिपाल यादव के साथ जज की पत्नी रितु और बेटा ध्रुव खरीदारी करने के लिए गुरुग्राम के सेक्टर-51 स्थित आर्केडिया मार्केट आए थे. कार महिपाल चला रहा था. इसी दौरान भरे बाजार के बीच अचानक महिपाल ने कार रोक दी.

कार से निकलते ही मार दी थी गोली

जैसे ही जज की पत्नी और उनका बेटा कार से बाहर निकले, महिपाल ने उन पर सरकारी हथियार से ताबड़तोड़ गोलियां चला दी. वहां बाजार में ये मंजर देख लोग हैरान परेशान थे. किसी की हिम्मत नहीं थी कि उसे कोई रोक सके. ना जाने महिपाल के सिर पर उस वक्त कौन सी ताकत सवार थी. वो किसी हाल में उन दोनों को बख्शने वाला नहीं था. लग रहा था कि बस महिपाल के सिर पर खून सवार था.

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गोली मारकर चीखा था महिपाल

मौका-ए-वारदात पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक महिपाल ने जज की पत्नी रितु के सीने में दो गोलियां उतार दी और फिर जज के बेटे ध्रुव के माथे पर भी दो गोली मारी. इस दौरान महिपाल ने मौके पर मौजूद लोगों से चीखकर कहा था कि कोई भी बीच में नहीं आएगा, ये शैतान (बेटा ध्रुव) है और ये उसकी मां (रितु). गोली लगने के बाद दोनों रितु और धुव्र खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़े थे. इसके बाद भी महिपाल ने दोनों को उसी हाल में कार में डालने की कोशिश की, लेकिन वो इस काम में नाकाम रहा. इसके बाद वो वहां से फरार हो गया.

ग्वाल पहाड़ी के पास पकड़ा गया था महिपाल

मौका-ए-वारदात से निकलकर महिपाल सीधे शहर के सदर थाने पहुंचा, लेकिन ना जाने उसके मन में क्या था कि वो वहां से भी भाग निकला. तब इस बात की ख़बर शहर में आग की तरह फैल चुकी थी. पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए हर जगह नाकेबंदी कर दी. नतीजा ये हुआ कि गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर ग्वाल पहाड़ी के पास आखिरकार महिपाल पकड़ा गया.

जज और मां को किया था फोन

पुलिस ने महिपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. महिपाल ने पुलिस को बताया कि उसने रितु और उसके बेटे ध्रुव को मारने के बाद खुद जिला एवं सत्र जज कृष्णकांत को इस वारदात की जानकारी दी थी. इसके अलावा उसने अपनी मां को भी फोन किया था और उसे भी वारदात के बारे में बताया था.

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जज की पत्नी और बेटे की मौत

उधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों मां-बेटे को पास के अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसके बाद हालत ज्यादा बिगड़ने पर दोनों को मेदांता रेफर कर दिया गया. इलाज के दौरान जज की पत्नी रितु की मौत हो गई. जबकि ध्रुव कुछ दिन तक जिंदगी की जंग लड़ता रहा लेकिन वो भी हार गया. इस घटना के बाद महिपाल को महकमें से बर्खास्त कर दिया गया. उस वक्त गुड़गांव के कमिश्नर ने कहा था कि महिपाल झल्लाकर बात करता है और किसी भी सवाल का सही जवाब नहीं दे रहा है.

जज की पत्नी करती थी परेशान!

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 40 वर्षीय महिपाल यादव डेढ़ साल से जज कृष्णकांत की सुरक्षा में तैनात था. करीब 8 महीने पहले ही उसने हिन्दू धर्म को त्याग कर क्रिश्चियन धर्म अपनाया था. बताया जा रहा है कि धार्मिक बातों पर जज की पत्नी के साथ उसकी बहस होती थी. पुलिस हिरासत में भी महिपाल कह रहा था कि धर्म परिवर्तन को लेकर जज की पत्नी उसे परेशान करती थी.

SIT की थी जांच

मामला संगीन था लिहाजा, हरियाणा पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए एक एसआईटी का गठन किया था. वो एसआईटी ही इस पूरे मामले की जांच कर रही थी. डीसीपी सुलोचना गजराज के नेतृत्व में बनी उस SIT में डीसीपी, 2 एसीपी, और 4 इंस्पेक्टर शामिल थे. टीम के चार्जशीट दाखिल करने के बाद ही कोर्ट ने महिपाल को दोषी करार दिया.

कोर्ट ने सुनाई सजा-ए-मौत

इस हाई प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड मामले में पीएसओ महिपाल को दोषी करार देते हुए अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. अपराधी महिपाल ने न्यायाधीश कृष्णकांत शर्मा की बीवी और बेटे की हत्या की थी. उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201, 27/54/59 के तहत मामला चल रहा था. अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है.

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