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गैंगस्टर प्रसाद पुजारी की मां गिरफ्तार, वसूली गिरोह चलाने में करती थी मदद

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जांच में पता लगाया कि इंदिरा पुजारी ने प्रसाद पुजारी के लिए काम करने वाले एक गुर्गे के खाते में नकद रकम जमा कराई.

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aajtak.in
दिव्येश सिंह मुंबई, 12 March 2020
गैंगस्टर प्रसाद पुजारी की मां गिरफ्तार, वसूली गिरोह चलाने में करती थी मदद प्रतीकात्मक तस्वीर

  • पूर्वी मुंबई में डेवेलपर्स और कारोबारियों को मिलती थी गिरोह से धमकियां
  • 62 साल की इंदिरा पुजारी पर गिरोह चलाने में बेटे की मदद करने का आरोप

मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर प्रसाद पुजारी की मां इंदिरा पुजारी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. 62 साल की इंदिरा पुजारी पर शहर में वसूली का गिरोह चलाने में बेटे की मदद करने का आरोप है. साथ ही इंदिरा पुजारी पर गिरोह के सदस्यों को बेटे प्रसाद पुजारी के कहने पर वित्तीय मदद देने का भी आरोप है.

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जांच में पता लगाया कि इंदिरा पुजारी ने प्रसाद पुजारी के लिए काम करने वाले एक गुर्गे के खाते में नकद रकम जमा कराई. सागर मिश्रा को विक्रोली में शिवसेना नेता चंद्रकांत जाधव पर फायरिंग से जुड़े केस में गिरफ्तार किया गया था. जांच में पाया गया कि इंदिरा पुजारी ने सागर मिश्रा के एक खाते में बीते साल दिसंबर में 50,000 रुपए जमा कराए थे. अन्य बैंक खातों की जांच अभी जारी है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में अमित शाह से मिले ज्योतिरादित्य सिंधिया, भोपाल में शाही स्वागत की तैयारी

डीसीपी अकबर पठान ने बताया, 'इस साल जनवरी में एक डेवेलपर को धमकाने के आरोप में प्रसाद पुजारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया. पुजारी उससे दस लाख रुपए मांग रहा था. मुंबई पुलिस के एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने तब जाल बिछाकर रीयल एस्टेट ब्रोकर सुनील अंगाने को गिरफ्तार किया. 56 वर्षीय अंगाने तब विक्रोली में डेवेलपर के दफ्तर में वसूली की रकम लेने के लिए गया था. AEC ने अंगाने और पुजारी के खिलाफ तब MCOCA लगाया.'

क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 की ओर से साथ ही की जा रही जांच से पता लगाया कि पुजारी की मां इंदिरा और चचेरे भाई सुकेश कुमार ने मंगलुरू की एक एटीएम मशीन के जरिए अंगाने के बैंक खाते में 25,000 रुपए जमा कराए थे.

इसके बाद पुलिस टीम को मंगलुरू से सुकेश कुमार को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली. कुमार ने अपने बयान में बताया कि इंदिरा ने उसे पैसे देकर अंगाने के बैंक खाते में जमा कराने के लिए कहा था. इंदिरा तब कुमार के साथ एटीएम तक भी गई थी. डीसीपी पठान के मुताबिक एटीएम की सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने इंदिरा की तलाश शुरू की.

क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संतोष रस्तोगी ने बताया, 'हमने उसे (इंदिरा) मीरा रोड पर उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया. इसके बाद वसूली के गिरोह का पता चला जो उसके बेटे प्रसाद पुजारी की ओर से चलाया जा रहा था. वो गिरोह के सदस्यों को पैसे से मदद दे रही थी इसलिए गिरोह को चलाने से जुड़ी अहम कड़ी थी.'

रस्तोगी ने बताया, 'हमने केस को लेकर मुंबई, मध्य प्रदेश और दिल्ली से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें मिश्रा भी शामिल है जो प्रसाद पुजारी के संपर्क में था और जिसने शिवसेना के नेता की हत्या की सुपारी ली थी. केस में MCOCA लागू किया गया है और सभी आरोपी जेल में हैं.'

पुजारी पूर्वी मुंबई में डेवेलपर्स और कारोबारियों का निशाना बनाता रहा है. वो खास तौर पर विक्रोली और टैगोर नगर से गिरोह का संचालन करता रहा है. टैगोर नगर का रहने वाला पुजारी एक दशक पहले देश छोड़कर भाग गया था.

मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर प्रसाद पुजारी की मां इंदिरा पुजारी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. 62 साल की इंदिरा पुजारी पर शहर में वसूली का गिरोह चलाने में बेटे की मदद करने का आरोप है. साथ ही इंदिरा पुजारी पर गिरोह के सदस्यों को बेटे प्रसाद पुजारी के कहने पर वित्तीय मदद देने का भी आरोप है.

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जांच में पता लगाया कि इंदिरा पुजारी ने प्रसाद पुजारी के लिए काम करने वाले एक गुर्गे के खाते में नकद रकम जमा कराई. इंदिरा ने सागर मिश्रा के बैंक खाते में रकम जमा कराई. सागर मिश्रा को विक्रोली में शिवसेना नेता चंद्रकांत जाधव पर फायरिंग से जुड़े केस में गिरफ्तार किया गया था. जांच में पाया गया कि इंदिरा पुजारी ने सागर मिश्रा के एक खाते में बीते साल दिसंबर में 50,000 रुपए जमा कराए थे. अन्य बैंक खातों की जांच अभी जारी है.

डीसीपी अकबर पठान ने बताया, 'इस साल जनवरी में एक डेवेलपर को धमकाने के आरोप में प्रसाद पुजारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया. पुजारी उससे दस लाख रुपए मांग रहा था. मुंबई पुलिस के एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने तब जाल बिछाकर रीयल एस्टेट ब्रोकर सुनील अंगाने को गिरफ्तार किया. 56 वर्षीय अंगाने तब विक्रोली में डेवेलपर के दफ्तर में वसूली की रकम लेने के लिए गया था. AEC ने अंगाने और पुजारी के खिलाफ तब MCOCA लगाया.'

क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 की ओर से साथ ही की जा रही जांच से पता लगाया कि पुजारी की मां इंदिरा और चचेरे भाई सुकेश कुमार ने मंगलुरू की एक एटीएम मशीन के जरिए अंगाने के बैंक खाते में 25,000 रुपए जमा कराए थे.

इसके बाद पुलिस टीम को मंगलुरू से सुकेश कुमार को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली. कुमार ने अपने बयान में बताया कि इंदिरा ने उसे पैसे देकर अंगाने के बैंक खाते में जमा कराने के लिए कहा था. इंदिरा तब कुमार के साथ एटीएम तक भी गई थी. डीसीपी पठान के मुताबिक एटीएम की सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने इंदिरा की तलाश शुरू की.

क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संतोष रस्तोगी ने बताया, 'हमने उसे (इंदिरा) मीरा रोड पर उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया. इसके बाद वसूली के गिरोह का पता चला जो उसके बेटे प्रसाद पुजारी की ओर से चलाया जा रहा था. वो गिरोह के सदस्यों को पैसे से मदद दे रही थी इसलिए गिरोह को चलाने से जुड़ी अहम कड़ी थी.'

रस्तोगी ने बताया, 'हमने केस को लेकर मुंबई, मध्य प्रदेश और दिल्ली से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें मिश्रा भी शामिल है जो प्रसाद पुजारी के संपर्क में था और जिसने शिवसेना के नेता की हत्या की सुपारी ली थी. केस में MCOCA लागू किया गया है और सभी आरोपी जेल में हैं.'

पुजारी पूर्वी मुंबई में डेवेलपर्स और कारोबारियों का निशाना बनाता रहा है. वो खास तौर पर विक्रोली और टैगोर नगर से गिरोह का संचालन करता रहा है. टैगोर नगर का रहने वाला पुजारी एक दशक पहले देश छोड़कर भाग गया था.

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