एडवांस्ड सर्च

केरल: सीएम पिनराई विजयन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर 119 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा 106 अन्य लोगों पर भी सीएम पिनराई विजयन पर टिप्पणी करने के मामले में पिछले तीन साल में मामले दर्ज हो चुके हैं. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अलावा विपक्ष के नेता, 2 कैबिनेट मंत्रियों, विधानसभा स्पीकर, और 15 विधायकों के खिलाफ भी टिप्पणी करने के मामले में ही मुकदमे दर्ज हो चुके हैं.

Advertisement
पीएस गोपी कृष्णन उन्नीथन [Edited By: अभिषेक शुक्ल]नई दिल्ली, 13 June 2019
केरल: सीएम पिनराई विजयन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर 119 लोगों के खिलाफ केस दर्ज फाइल फोटो- पिनराई विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में राज्य के गृह विभाग ने 119 व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. राज्य विधानसभा में इस बात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय ने दी है.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर एम के मुनीर ने सवाल पूछा था तो मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यालय ने जवाब दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 41 सरकारी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कार्रवाई की गई है. 12 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, वहीं 29 लोगों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है.

इस संबंध में एक केंद्र सरकार के कर्मचारी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. राज्य की साइबर सेल आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटाने की कोशिश कर रही है और आरोपियों के नाम वेरिफाई कर रही है.

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा 106 अन्य लोगों पर भी सीएम पिनराई विजयन पर टिप्पणी करने के मामले में पिछले तीन साल में मामले दर्ज हो चुके हैं. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अलावा विपक्ष के नेता, 2 कैबिनेट मंत्रियों, विधानसभा स्पीकर, और 15 विधायकों के खिलाफ भी टिप्पणी करने के मामले में ही मुकदमे दर्ज हो चुके हैं.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को कहा था कि केरल की परिस्थिति उत्तर प्रदेश की तरह नहीं है जहां सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ टिप्पणी करने पर पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया जाता है. इसी बयान के बाद विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथल ने मुख्यमंत्री पर सवाल किए थे कि उन आंकडों को जारी किया जाए जिनमें मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है.

इन आंकड़ों के जारी होने के बाद सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ सोशल मीडिया में उबाल है लोग उनकी तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर रहे हैं. लोग उन पर तनाशाही का आरोप लगा रहे हैं.

बता दें फ्रीलांस पत्रकार प्रशांत कनौजिया को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किया था. इसी मामले में दो अन्य पत्रकारों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पत्रकार  प्रशांत कनौजिया के रिहाई के आदेश दिए थे. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि आप किसी भी नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं कर सकते हैं. नागरिकों के अधिकारों को बचाए रखना जरूरी है. आपत्तिजनक पोस्ट पर विचार अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन गिरफ्तारी क्यों?

लखनऊ के एसीजेएम कोर्ट ने बुधवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया को रिहा करने का आदेश दिए थे. मंगलवार को ही पत्रकार प्रशांत कनौजिया की रिहाई हो गई थी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay