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संभल कर करें ATM का इस्तेमाल, दिल्ली- एनसीआर में बड़ा गैंग है एक्टिव

एटीएम कार्ड क्लोन करने के लिए लोग एटीएम मशीन में जाकर स्किमर डिवाइस लगा देते हैं. ये स्किमर कार्ड स्वैप करने वाली जगह के ऊपर लगता है. ऐसे लगता है जैसे कि यह एटीएम मशीन का ही पार्ट है. साथ ही की बोर्ड के ऊपर एक बहुत छोटा कैमरा लगा देते हैं. जब एटीएम कार्ड मशीन में लगाया जाता है तो ये उसे क्लोन कर लेता है.

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aajtak.in
पुनीत शर्मा नई दिल्ली, 01 May 2019
संभल कर करें ATM का इस्तेमाल, दिल्ली- एनसीआर में बड़ा गैंग है एक्टिव सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन(NCR) में इस वक्त सबसे बड़े लुटेरे हैं, एटीएम के जालसाज. जो इतने शातिर होते हैं कि दूर बैठकर ही लोगों के एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं. पीड़ित को तब पता चलता है, जब उसके मोबाइल पर बैंक की तरफ से पैसे निकाले जाने का मैसेज आता है. जब तक पीड़ित कुछ सोचे, तब तक उनका बैंक अकाउंट खाली ही चुका होता है.

तेजी से भागती इस टेक्नोलॉजी के दौर में एटीएम के जालसाज भी रोज नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं किस तरह से लोगों को लूट लिया जाए. आजकल सबसे ज्यादा एटीएम फ्रॉड, कार्ड क्लोनिंग के जरिए की जा रही है.

एटीएम कार्ड क्लोन करने के लिए लोग एटीएम मशीन में जाकर स्किमर डिवाइस लगा देते हैं. ये स्किमर कार्ड स्वैप करने वाली जगह के ऊपर लगता है. ऐसे लगता है जैसे कि यह एटीएम मशीन का ही पार्ट है. साथ ही की बोर्ड के ऊपर एक बहुत छोटा कैमरा लगा देते हैं. जब एटीएम कार्ड मशीन में लगाया जाता है तो ये उसे क्लोन कर लेता है. एटीएम का पासवर्ड कैमरे में दर्ज हो जाता है जब ग्राहक अपना कोड डाल रहा होता है. इस दौरान एटीएम में एटीएम कार्ड होल्डर के अलावा कोई नहीं होता लेकिन बाद में जालसाज इसी के जरिए कार्ड क्लोन कर दूर जाकर कहीं से भी एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं. इसकी सूचना असली एटीएम कार्ड मालिक को तब पता चलती है, जब उसके मोबाइल पर ट्रांजेक्शन मैसेज आता है.

इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ एहतियात भी बरतनी होती है. जब भी एटीएम में जाएं, कार्ड स्वैप करने वाली मशीन को हिलाकर देख ले, अगर वो हिल रही है तो इसका मतलब कुछ गड़बड़ है. साथ ही की बोर्ड के ऊपर की तरफ ठीक से चेक करे कि कहीं कोई कैमेरा तो नहीं लगा. अगर कुछ गड़बड़ नजर आये तो फौरन बैंक स्टाफ को खबर करें.

दिल्ली और एन सी आर में कोई ऐसा दिन नही होता जब एटीएम के ये जालसाज, लोगों को अपना शिकार नही बनाते. 8 अप्रैल को नोएडा के सेक्टर 122 में रहने वाले नरेश शर्मा के मोबाइल पर रात में एक अजीबो गरीब मैसेज आया कि उनके खाते से 40 हजार रुपये निकल गए. अभी वो कुछ समझ पाते इससे पहले ही एक और मैसेज उनके मोबाइल पर आया कि 40 हजार रुपए और उनके खाते से निकाले गए हैं. नरेश के पास उनका एटीएम कार्ड मौजूद था, लिहाजा वो यह सोच रहे थे कि आखिर कैसे उनके खाते से बिना उनके कार्ड को इस्तेमाल किये पैसे निकाल गए. पता चला कि ये पैसे गाजियाबाद के एक एटीएम से निकाले गए. यह चोरी एटीएम कार्ड क्लोनिंग के जरिए हुई.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि रोजाना कई लोग एटीएम से पैसे निकल जाने की रिपोर्ट लिखवाने थाने आते हैं. कई बार साइबर जांच से ऐसे अपराधी पकड़ जाते हैं लेकिन कई बार इनकी लोकेशन नहीं मिलती. रोजाना दिल्ली पुलिस इस तरह के कई मुकदमे लिखती और कई साइबर अपराधी पकड़ती है. एटीएम कार्ड क्लोनिंग से बचने के लिए सावधानी बरतने की खास जरूरत है.

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