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रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ केस: पूर्व डीजीपी राठौड़ को मिली बड़ी राहत

हरियाणा के पंचकुला में रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में हरियाणा के पूर्व डीजीपी शंभू प्रताप सिंह राठौड़ को राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा है, लेकिन उन्हें जेल जाने से राहत दी है. कोर्ट का कहना है कि उन्होंने जेल में जो सजा काटी वह काफी है. इसलिए अब उन्हें जेल नहीं जाना होगा.

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aajtak.in
मुकेश कुमार/ सतेंदर चौहान नई दिल्ली, 23 September 2016
रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ केस: पूर्व डीजीपी राठौड़ को मिली बड़ी राहत रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ केस

हरियाणा के पंचकुला में रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में हरियाणा के पूर्व डीजीपी शंभू प्रताप सिंह राठौड़ को राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा है, लेकिन उन्हें जेल जाने से राहत दी है. कोर्ट का कहना है कि उन्होंने जेल में जो सजा काटी वह काफी है. इसलिए अब उन्हें जेल नहीं जाना होगा.

इस मामले की चश्मदीद गवाह अनुराधा की मां मधु प्रकाश ने कहा कि हमने 26 साल तक इस केस को लड़ा है. लेकिन आरोपी की सजा माफ हो गई. ऐसे में अब न्यायिक रिफॉर्म की जरूरत है. रुचिका की सहेली के पिता आनंद प्रकाश ने कहा कि भले ही राठौड़ की सजा माफ हुई है, लेकिन खुशी है कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है.

हाईकोर्ट ने बढ़ाई थी राठौड़ की सजा
बताते चलें कि 22 दिसंबर, 2009 को घटना के 19 साल के बाद निचली अदालत ने राठौड़ को आईपीसी की धारा 354 के तहत दोषी करार देते हुए छह महीने की कैद की सजा और एक हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई थी. इसे हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 18 महीने कर दिया था. 11 नवंबर 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी.

पंचकूला की रहने वाली थी रुचिका
हरियाणा की उभरती हुई महिला टेनिस खिलाड़ी 14 साल की रुचिका गिरहोत्रा पंचकूला की रहने वाली थी. 1990 में तत्कालीन आईजी एसपीएस राठौर जो हरियाणा टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष थे. उन पर रुचिका ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. इस घटना के बाद कोर्ट में केस चला. हालांकि, राठौड़ की पत्नी ने उन्हें निर्दोष माना था.

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