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सरकारी अस्पताल ने बदल दी लाशें, कब्र खुदवाकर निकालना पड़ा शव

अहमदाबाद के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन संचालित वीएस अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं, जिसमें यहां के पोस्टमॉर्टम रूम से महिला की लाश ही गायब हो गई.

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गोपी घांघर [Edited by: राहुल झारिया]अहमदाबाद, 10 May 2019
सरकारी अस्पताल ने बदल दी लाशें, कब्र खुदवाकर निकालना पड़ा शव सरकारी अस्पताल की लापरवाही का मामला

अहमदाबाद के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन संचालित वीएस अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं, जिसमें यहां के पोस्टमॉर्टम रूम से महिला की लाश ही गायब हो गई. अस्पताल में रखी  नसरीन नाम की महिला की लाश मित्तल जादव नाम की महिला की लाश के साथ बदल गई थी. ये मामला तब सामने आया जब परिवार वालों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया.

gjarat-2_051019091811.jpgमृतक मित्तल जादव

इस हंगामे के बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में जांच शुरू की गई. अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में पोस्टमॉर्टम डिपार्टमेंट में रात के वक्त काम करने वाले कर्मचारी की गलती को माना है और जांच के आदेश दिए हैं.  

दरअसल नसरीन 9 महीने की गर्भवती थी. डिलीवरी के दौरान नसरीन और उसकी कोख में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी थी. हालांकि उसके ससुराल वाले कर्नाटक में रहते हैं. ऐसे में नसरीन का पोस्टमॉर्टम कर उसकी लाश को वहीं अस्पताल में एक दिन के लिए रखा गया था. आज उसकी लाश लेने जब परिवार वाले पहुंचे तो लाश ही गायब थी.

मृतक नसरीन की लाश लेने गए उसके परिवारवालों को एक-एक लाश दिखाई गई. पोस्टमॉर्टम रूम की जांच की गई तो पाया कि अहमदाबाद के बावला में कल एक लड़की मित्तल जादव की हत्या कर दी गई थी. उसकी लाश अब भी पोस्टमॉर्टम रूम में ही रखी थी. जबकि नसरीन की लाश नहीं थी.  

जब मित्तल जादव के परिवारवालों से संपर्क किया गया तो पता चला कि मित्तल की लाश उनके परिवार वाले गुरुवार शाम को ही लेकर अपने गांव धोलेरा के लिए निकल गए थे. जहां पर आज सुबह लाश को दफना दिया गया.

nasrin_051019091837.jpgमृृतक नसरीन

मित्तल के घरवालों से संपर्क किया गया तो पता चला कि वे जि‍से मित्तल कि लाश समझकर दफन कर आए थे, वह मित्तल की नहीं बल्कि नसरीन की है. अस्पताल की इस लापरवाही से परिवार वालो का गुस्सा फूट पड़ा. परिवारवालों ने मांग की कि किसी भी हाल में नसरीन की लाश ही उन्हें मिलनी चाहिए.  

इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस तुरंत ही मित्तल के घर पहुंचे और उसके परिवार वालों को समझाकर उसकी दफन की गई लाश को निकालवाया गया. अब नसरीन की लाश उसके परिवारवालों को और मित्तल की लाश उसके परिवारवालों को सौंपी जाएगी. सरकारी अस्पताल की लापरवाही का ये जीता-जागता उदाहरण है.

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