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उन्नाव गैंगरेप केस: सेंगर के खिलाफ चौथी FIR दर्ज, जुड़े ये आरोप

सेंगर के खिलाफ सोमवार की शाम दर्ज किए गए इस चौथे FIR में पीड़िता के 10 जून, 2017 को घर से लापता होने और 10 दिन बाद कानपुर से बरामदगी के संबंध में दर्ज किया गया है.

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कुमार अभिषेक [Edited by : आशुतोष]लखनऊ, 17 April 2018
उन्नाव गैंगरेप केस: सेंगर के खिलाफ चौथी FIR दर्ज, जुड़े ये आरोप सेंगर के खिलाफ एक और मुकदमा

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ CBI ने चौथा FIR दर्ज की है. सेंगर के खिलाफ यह एफआईआर पीड़िता का बयान लेने के बाद दर्ज किया गया. इस बीच सीबीआई ने पीड़िता के पिता की पिटाई के बाद हिरासत में मौत की भी जांच शुरू कर दी गई है. सीबीआई आज आरोपी विधायक को उन्नाव ले जा सकती है.

सेंगर के खिलाफ सोमवार की शाम दर्ज किए गए इस चौथे FIR में पीड़िता के 10 जून, 2017 को घर से लापता होने और 10 दिन बाद कानपुर से बरामदगी के संबंध में दर्ज किया गया है. पीड़िता को घटना वाले दिन सेंगर के घर ले जाने के आरोप में गिरफ्तार की गई महिला शशि सिंह के बेटे शुभम सिंह को भी इस एफआईआर में आरोपी बनाया गया है.

पुराने मुकदमे खोलने लगी CBI

पीड़िता ने शुभम सिंह पर बहला-फुसलाकर अगवा करने का आरोप लगाया है. शुभम सिंह के अलावा नरेश तिवारी और बृजेश यादव पर भी पीड़िता को भगाने में संलिप्तता का आरोप है. पीड़िता के परिवार वालों ने पीड़िता के लौटने के बाद 20 जून, 2017 को माखी थाने में यह केस दर्ज करवाया था.  माखी पुलिस 20 जून, 2017 को दर्ज केस में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

दरअसल सीबीआई अब पीड़िता द्वारा माखी थाने में इससे पहले दर्ज कराए गए केसेज से भी जांच की कड़ियां जोड़ने में लग गई है. सीबीआई अब इस मुकदमे की पुनर्विवेचना करने जा रही है.

जज के सामने बंद कमरे में पीड़िता का बयान दर्ज

CBI ने सोमवार को धारा 164 के तहत लखनऊ कोर्ट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज करवाया. जज ने बंद कमरे में लड़की का बयान लिया है. यह बयान पूरी तरह से गोपनीय है. कोर्ट की कार्यवाही में उसको शामिल किया जाता है. पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद सीबीआई ने आरोपी विधायक के खिलाफ यह चौथा एफआईआर दर्ज किया.

सूत्रों के मुताबिक, अपना बयान दर्ज कराते वक्त पीड़िता कई बार रो पड़ी. इस बीच पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि कुलदीप सेंगर ने जानबूझकर परिवार को कोर्ट तक जाने से रोका है, ताकि पीड़िता की उम्र से संबंधित दस्तावेज कोर्ट में जमा न हो सके.

परिवार का दावा है कि उनके पास पीड़िता की उम्र के संबंध में पुख्ता दस्तावेज हैं, वो उसे कोर्ट में पेश करना चाहते हैं. बता दें कि बोन टेस्ट में पीड़िता की उम्र 19 वर्ष सामने आई है, जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि पीड़िता की उम्र 16 साल है. पीड़ित परिवार के दावे के आधार पर ही कुलदीप सेंगर पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

पीड़िता के पिता की हत्या की भी जांच शुरू

इस बीच सीबीआई ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले की भी जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर और उनके आदमियों ने मिलकर पीड़िता के पिता की बेरहमी से पिटाई की. पुलिस और डॉक्टरों पर भी पीड़िता के पिता के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप हैं.

इस मामले में कुलदीप सेंगर का भाई अतुल सेंगर न्यायिक हिरासत में है. इस मामले में सीबीआई अब उन्नाव जिला जेल में बंद अतुल सेंगर और उसके साथियों को जांच के दायरे में ले सकती है. जांच के लिए सीबीआई अतुल समेत उसके साथियों बऊवा, विनीत, शैलू और सोनू सिंह को भी रिमांड पर ले सकती है.

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