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उन्नाव गैंगरेप केस: कुलदीप सेंगर की रिमांड 7 दिन बढ़ी, जारी रहेगी पूछताछ

सीबीआई को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की एफआईआर फर्जी होने के सबूत मिले हैं. आरोपी विधायक के भाई से भी पूछताछ की जा रही है.

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aajtak.in
आशुतोष कुमार मौर्य/ कुमार अभिषेक लखनऊ, 20 April 2018
उन्नाव गैंगरेप केस: कुलदीप सेंगर की रिमांड 7 दिन बढ़ी, जारी रहेगी पूछताछ सेंगर की CBI रिमांड 7 दिन बढ़ी

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. पीड़िता द्वारा पिछले साल दर्ज केस के संबंध में CBI ने सेंगर को 7 दिन के लिए हिरासत में ले लिया है. सेंगर को सीबीआई ने आज उन्नाव सीबीआई कोर्ट में पेश किया. यह पेशी पिछले साल दर्ज रेप के उस मामले में की गई, जिसमें विधायक समेत दो और लोगों को आरोपी बनाया गया है.

हालांकि अब तक उस केस में आरोपी विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. उस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन इस साल जब मामले ने तूल पकड़ा और इलाहाबाद हाईकोर्ट तक जा पहुंचा तो हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. जिसकी वजह से सीबीआई ने विधायक को पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज के पुराने मामले में आज कोर्ट में पेश किया.

सीबीआई की टीम ने कोर्ट से फिर से विधायक की रिमांड मांगी, जिस पर कोर्ट ने विधायक को 27 अप्रैल तक रिमांड पर सीबीआई को दे दिया. इससे पहले सीबीआई ने लखनऊ अदालत से सेंगर की रिमाड ली थी. हालांकि लखनऊ कोर्ट की रिमांड अवधि 21 अप्रैल को खत्म हो रही है, लेकिन सीबीआई सेंगर को 21 अप्रैल को कोर्ट के सामने पेश नहीं करेगी.

सीबीआई कल लखनऊ अदालत को अर्जी देगी कि उन्हें पॉक्सो के मामले में 27 अप्रैल तक सेंगर की रिमांड मिली हुई है. खास बात ये रही कि सीबीआई उन्नाव कोर्ट में विधायक के साथ मात्र 3 मिनट तक रूकी और रिमांड मिलते ही सीबीआई की टीम विधायक को लेकर लखनऊ रवाना हो गई.

इससे पहले सरकार की तरफ से सेंगर को दी गई सुरक्षा भी वापस ले ली गई. कुलदीप सेंगर की सुरक्षा में जो वाई श्रेणी के गार्ड थे उन्हें सरकार ने वापस बुला लिया है. इसके अलावा घर पर तैनात सुरक्षा को भी हटा लिया गया है. मामले की जांच कर रही सीबीआई ने इससे पहले गुरुवार को पीड़िता, उसकी मां और चाचा से दोबारा पूछताछ की थी.

दिल्ली से गई सीबीआई की स्पेशल टीम ने परिवार से घटना के बारे में पूरी जानकारी ली थी. गौरतलब है कि सीबीआई को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की एफआईआर फर्जी होने के सबूत मिले हैं. आरोपी विधायक के भाई से भी पूछताछ की जा रही है.

सीबीआई हिरासत में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर सहित पांचों आरोपी है. उन सभी से पीड़िता के पिता की मौत के संबंध में पूछताछ हो रही है. सभी को मौका-ए-वारदात पर ले जाया जाएगा. बीते मंगलवार को ही सीबीआई ने अतुल सिंह सेंगर सहित पांचों आरोपियों को अपने हिरासत में लिया है.

विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप था. उसने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी. जब वो थाने में गई तो एफआईआर नहीं लिखी गई. इसके बाद तहरीर बदल दी गई. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई.

पिता को बर्बरता से पीटने का आरोप

पीड़िता ने कहा, 'मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल हो गया. अब तक कुछ नहीं हुआ. दिल्ली से उसके पिता गांव आए, तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई है.'

पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां

पीड़िता के पिता को बीते रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई. मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष थी. मृतक के परिजन ने बीजेपी विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है.

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