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सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील पर ISIS आतंकी ने किया था हमला, अब किए कई खुलासे

सुप्रीम कोर्ट की एक महिला वकील पर साल 2016 में हुए हमले पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है. स्पेशल सेल ने बताया है कि शीर्ष अदालत की महिला वकील पर हमला करने वाला और कोई नहीं बल्कि साल 2018 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों गिरफ्तार आईएसआईएस के 10 संदिग्ध आतंकियों में से एक है.

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अरविंद ओझा [Edited by: अजय भारतीय]नई दिल्ली, 02 June 2019
सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील पर ISIS आतंकी ने किया था हमला, अब किए कई खुलासे आईएसआईएस आतंकी साकिब (फोटो- अरविंद)

सुप्रीम कोर्ट की एक महिला वकील पर साल 2016 में हुए हमले पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है. स्पेशल सेल ने बताया है कि शीर्ष अदालत की महिला वकील पर हमला करने वाला और कोई नहीं बल्कि साल 2018 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों गिरफ्तार आईएसआईएस के 10 संदिग्ध आतंकियों में से एक है.

चार्टशीट के मुताबिक आरोपी का नाम साकिब है, वो उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बनी एक मस्जिद का इमाम था. स्पेशल सेल की पूछताछ में उसने कबूला है कि 17 जून साल 2016 तो दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर गोल्डन टेम्पल ट्रेन में सवार सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील फरहा फैज के साथ तीन तलाक पर बहस के साथ-साथ धार्मिक बहस होने के बाद ट्रेन में उन पर हमला किया था जिससे महिला वकील का हाथ टूट गया था.

चार्जशीट के मुताबिक आईएसआईएस के हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम मॉड्यूल के आतंकी साकिब ने खुलासा किया था कि वो महिला वकील को लगातार टीवी पर तीन तलाक पर बोलते हुए देखता और इस वजह से पहचानता था. साथ ही चार्जशीट में कहा गया है कि महिला वकील से बहस के दौरान साकिब और उसके सहयोगी ने कहा था कि कुछ सिरफिरी औरतें समझती हैं की हम शरीयत बदल देंगी. इसके बाद दोनों ने चलती ट्रेन से महिला वकील को फेंकने की कोशिश की थी, लेकिन भीड़ ने महिला वकील को बचा लिया था. हालांकि इस हमले में उनके हाथ में फैक्चर हुआ था.

farah_faiz_060219104944.jpgसुप्रीम कोर्ट की वकील फरहा फैज (फोटो- अरविंद)

मामले में नया मोड़ तब आया जब एनआईए ने आईएसआईएस के अमरोहा मॉड्यूल का खुलासा करते हुए दिल्ली और यूपी से 10 आतंकियों को गिरफ्तार किया. इन्हीं आरोपियों में से एक हापुड़ की एक मस्जिद का इमाम साकिब था. जब महिला वकील ने साकिब की फोटो अखबार में देखी तो तुरंत दिल्ली के निजामुद्दीन थाने से संपर्क किया. चूंकि मामला आतंकवाद से जुड़ा था लिहाजा जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दी गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ जेल में बंद साकिब को प्रोडक्शन वारंट पर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर की जिसमें उसने महिला वकील पर हमले की बात कबूली.

आईएसआईएस आतंकी साकिब का खुलासा

आईएसआईएस आतंकी साकिब ने स्पेशल सेल की पूछताछ खुलासा किया कि तीन तलाक के जरिए मोदी सरकार इस्लाम पर हमला कर रहे हैं. तीन तलाक पर पाबंदी शरीयत के हिसाब से सही नहीं है. उसने बताया कि वो कई साल मदरसों में तालीम लेने के बाद मेरठ और हापुड़ के मदरसे में पढ़ाने लगा था. साल 2018 में वो अपने दोस्त के साथ जम्मू-कश्मीर गया, जहां जिहाद को लेकर अक्सर बातें होती रहती थीं और उसमें वो शरीक होता था. उसके बाद वो हापुड़ आ गया.

साकिब के मुताबिक उसका सम्पर्क अमरोहा के मुफ्ती सोहेल से हुआ. बता दें कि मुफ्ती सोहेल वही है, जिसे एनआईए ने आईएसआईएस अमरोहा मॉड्यूल का आमिर (चीफ) बताया था. साकिब ने खुलासा किया कि वो और उसके साथी दिल्ली में बम धमाके करने के लिए और आरएसआरएस के नेताओं पर हमले के लिए बारूद और हथियार थोड़ा-थोड़ा करके जुटा रहे थे.

सितंबर 2018 में मेरठ के मदरसे में मीटिंग

साकिब के मुताबिक मेरठ के पास बक्सर में जामा मस्जिद में वो और उसके साथियों ने मीटिंग की, जिसमें सीरिया, वर्मा, अफगानिस्तान और फिलिस्तीन में मुसलमानों पर होने वाले जुल्म पर बातें हुईं. इसी बैठक में दादरी के अखलाक हत्याकांड, राजस्थान के पहलून खान, अकबर खान हत्याकांड और फरीदाबाद के जुनैद हत्याकांड पर घंटों बात हुई और तय हुआ कि इसका बड़े पैमाने पर बदला लेना है. तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन इससे पहले एनआईए को एक मुखबिर से खबर मिल चुकी थी. एनआईए ने दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस के साथ सम्पर्क कर एक साथ सभी जगहों पर छापेमारी कर साकिब समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था.

महिला वकील का दारुल उलूम देवबंद पर आरोप   

महिला वकील के मुताबिक तीन तलाक पर पाबंदी लगाने की याचिका दाखिल करने की वजह से उन पर कई बार हमले हुए, जिसके बाद सहारनपुर पुलिस और कोर्ट की मदद से वो देवबंद से सभी स्टूडेंट की डिजिटल फोटो मांग रही थीं जिससे आरोपियों की पहचान वो कर सकें लेकिन दारुल उलूम देवबंद ने हर जवाब में स्टूडेंट्स की संख्या अलग-अलग बताई. दारुल उलूम ने कभी बताया कि 6 हजार स्टूडेंट हैं और कभी 30 हजार की संख्या बताई. दारुल उलूम ने ये भी बताया उनके पास स्टूडेंट्स का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड नहीं रहता.

2016 में हुआ था महिला वकील पर हमला

17 जून 2016 को महिला वकील फरहा फैज निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गोल्डेन टेम्पल ट्रेन पकड़ कर सहारनपुर जा रही थीं. तभी दो अज्ञात युवकों ने धार्मिक बहस होने के बाद उन पर हमला कर दिया था. इस हमले में उन्हें गम्भीर चोटें आई थीं और उनके हाथ में फैक्चर आ गया था. इसके बाद महिला वकील ने सहारनपुर के जीआरपी थाने में 18 जून 2016 को एफआईआर दर्ज करवाई थी. उस दौरान उन्होंने हमलावरों का हुलिया भी बताया था और शक जताया था कि दोनों हमलावर किसी मदरसे से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस जांच में जुटी रही लेकिन लगभग 2 साल तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा.

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