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जाकिर मूसा: इंजीनियरिंग स्टूडेंट रहा वो जिहादी जो J-K में चाहता था अल कायदा की हुकूमत

जाकिर मूसा में जिहाद की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी और वो खुले आम हथियार लेकर वीडियो जारी करने लगा था. वह हिज्बुल के साथ आकर जुड़ गया. कई रिपोर्ट में जाकिर मूसा को बुरहान वानी का उत्तराधिकारी बताया जाने लगा. कश्मीर में आजादी की दुहाई देते हुए मूसा सोशल मीडिया पर खूब वीडियो और ऑडियो प्रचारित करता रहा. अपनी इस लड़ाई को जाकिर मूसा धर्म से जोड़ता रहा. उसने अपने इस पूरे अभियान को शरीयत-ए-शहादत यानी कि शरीयत के लिए शहादत का नाम दिया है.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 24 May 2019
जाकिर मूसा: इंजीनियरिंग स्टूडेंट रहा वो जिहादी जो J-K में  चाहता था अल कायदा की हुकूमत आतंकी जाकिर मूसा

जम्मू कश्मीर में काम कर रही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां तब चौक गई जब अप्रैल-मई 2017 में वीडियो जारी कर एक युवा कश्मीरी ने जम्मू-कश्मीर में अल कायदा की हुकूमत कायम करने की धमकी दी. वीडियो को देखने पर पता चला कि ये धमकी देने वाला लड़का स्थानीय आतंकी जाकिर मूसा था और इससे पहले हिज्बुल के स्वयंभू कमांडर बुरहान वानी के साथ काम कर चुका था. माना जाता है कि हिज्बुल के मारे जाने के बाद जाकिर मूसा ने हिज्बुल मुजाहिदीन की कमान संभाल ली थी. जाकिर मूसा युवा कश्मीरी आतंकियों की नुमाइंदगी करता था. हालांकि बाद में हिज्बुल से उसके रिश्तों में कड़वाहट आई और उसने अंसार गजवात-उल-हिंद नाम का एक आतंकी संगठन बना लिया.

चंडीगढ़ में की इंजीनियरिंग की पढ़ाई

बात साल 2013 की है. चंडीगढ़ में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले कश्मीरी ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. ये शख्स कई दिनों तक गायब रहा. कुछ हफ्ते बाद ये शख्स एक बार फिर से वापस आया तब वो स्टूडेंट का चोला उतार कर आतंकी बन चुका था. इसका नाम था जाकिर मूसा.

आतंक का पोस्टरब्वॉय

जाकिर मूसा में जिहाद की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी और वो खुले आम हथियार लेकर वीडियो जारी करने लगा था. वह हिज्बुल के साथ आकर जुड़ गया.  कई रिपोर्ट में जाकिर मूसा को बुरहान वानी का उत्तराधिकारी बताया जाने लगा. कश्मीर में आजादी की दुहाई देते हुए मूसा सोशल मीडिया पर खूब वीडियो और ऑडियो प्रचारित करता रहा. अपनी इस लड़ाई को जाकिर मूसा धर्म से जोड़ता रहा. उसने अपने इस पूरे अभियान को शरीयत-ए-शहादत यानी कि शरीयत के लिए शहादत का नाम दिया है.

हिज्बुल से तोड़ा नाता

साल 2016 में बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद मूसा ने आतंक की कमान अपने हाथ में ले ली. मूसा ने कहा कि कश्मीर की समस्या राजनीतिक नहीं धार्मिक है. जाकिर ने कहा कि अगर किसी ने उसके इस कदम का विरोध किया तो उसे मौत की सजा दी जाएगी. जाकिर मूसा से कश्मीर के अलगाववाली नेता भड़क गए और उस पर इस बयान को वापस लेने का दवाब बनाने लगे. मूसा ने कहा था कि वो जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक शासन कायम करना चाहता है.

अंसार गजवात-उल-हिंद का गठन

2017 जुलाई में जाकिर मूसा ने अंसार ग़ज़वात-उल-हिंद नाम के आतंकी संगठन का गठन किया. इस संगठन को जम्मू-कश्मीर में अल कायदा की शाखा कहा जाता था. इस आतंकी संगठन का मकसद ओसामा बिन लादेन के नक्शे कदम पर चल कर कश्मीर में इस्लामिक राज्य की स्थापना करना था.

सुरक्षा बलों से लुका-छिपी का खेल

जाकिर मूसा सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में आ चुका था. वो कभी कथित रूप से पंजाब में दिखा तो कभी जम्मू कश्मीर के किसी दूसरे इलाके में. सेना ने एनकाउंटर में उसके कई साथियों को मार गिराया था, लेकिन लंबे समय तक वो सुरक्षाबलों के हाथ में नहीं आया. आखिरकार गुरुवार 23 मई को सेना ने आतंक के इस आका का खात्मा कर दिया.

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