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टुकड़ों में मिली एसपी हरदोई की सरकारी गाड़ी, एक आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के एसपी की चोरी हुई सरकारी गाड़ी को आखिरकार लखनऊ पुलिस ने बरामद तो कर लिया. लेकिन पुलिस के हाथ गाड़ी के बजाए केवल उसके पार्टस् ही आए हैं. पुलिस ने गाड़ी को ठिकाने लगाने वाले मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है.

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aajtak.in
परवेज़ सागर/ अभिषेक रस्तोगी लखनऊ, 30 November 2016
टुकड़ों में मिली एसपी हरदोई की सरकारी गाड़ी, एक आरोपी गिरफ्तार पुलिस को अभी अन्य दो आरोपियों की तलाश है

उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के एसपी की चोरी हुई सरकारी गाड़ी को आखिरकार लखनऊ पुलिस ने बरामद तो कर लिया. लेकिन पुलिस के हाथ गाड़ी के बजाए केवल उसके पार्टस् ही आए हैं. पुलिस ने गाड़ी को ठिकाने लगाने वाले मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है.

मामला यूपी की राजधानी लखनऊ का है. जहां चोरों ने सीधे तौर पर पुलिस को चुनौती दे डाली थी. मामला बीती 4-5 नवंबर की रात का है. हरदोई के पुलिस अधीक्षक राजीव महरोत्रा अपनी सरकारी गाड़ी नीली बत्ती लगी टाटा सूमो गोल्ड संख्या- यूपी30 जी 0219 से लखनऊ आए थे.

वे रात में हजरतगंज इलाके में शालीमार इम्पीरियल अपार्टमेंट में अपने घर पर ठहरे थे. अपार्टमेंट की पार्किंग से एसपी हरदोई की सरकारी गाड़ी उसी रात चोरी कर ली गई थी. दरअसल उस दिन एसपी राजीव अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बिना बताए ही अपने घर लखनऊ आए थे. इस मामले में हजरतगंज कोतवाली में चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया था.

कार के टुकड़े

मुकदमा दर्ज होने के साथ ही पुलिस हरकत में आ गई. लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं लग पाया. इस बीच गाड़ी लखनऊ से बाराबंकी, फैज़ाबाद, बस्ती, गोरखपुर और कुशीनगर होते हुए नेपाल पहुंच गई. पुलिस की सारी कवायद धरी का धरी रह गई. फजीहत होते देख इस मामले की जांच लखनऊ की क्राइम ब्रांच और हरदोई पुलिस को दे दी गई.

लखनऊ के पुलिस अधीक्षक (अपराध) डॉ. संजय कुमार ने बताया कि उनकी टीम कई दिनों से सुराग तलाश रही थी. और उनकी कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद लखनऊ के मड़ियांव निवासी रामकिशोर को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया. जो इस चोरी की वारदात में शामिल था. लखनऊ क्राइम ब्रांच ने यह गिरफ्तारी हरदोई पुलिस के साथ मिलकर की.

लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी की मानें तो आरोपी ने ही एसपी की गाड़ी चोरी की थी. गाडी को यूपी के विभिन्न जनपदों से होते हुए बिहार के पूर्वी चंपारण ले जाकर दो लोगों की मदद से नेपाल बार्डर पर ठिकाने लगवा दिया गया था. पुलिस के मुताबिक गाड़ी के बदले में आरोपी रामकिशोर को 50 हजार रुपये मिलने की बात कही गई थी लेकिन शुरुआत में उसे 25 हजार रुपये ही दिए गए थे.

एसएसपी ने इस खुलासे को लखनऊ के एसपी क्राइम, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और हरदोई पुलिस की संयुक्त टीम का प्रयास बताया. एसएसपी के मुताबिक गाड़ी को चोरी करने का मकसद किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देना नहीं था. चोरी के बाद गाड़ी को बेचने की नियत से ही इस वारदात को अंजाम दिया गया था.

एसपी संजय कुमार

एसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार ने 'आजतक' को बताया कि इस मामले में आरोपी की निशानदेही पर गाड़ी में लगा पुलिस वायरलेस सेट और गाडी के कई पार्ट्स भी बरामद हुए है. अभी आरोपी रामकिशोर के अन्य दो साथियों को पुलिस तलाश कर रही है. एसपी संजय ने बताया कि इस संबंध में नेपाल पुलिस ने भी तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. उनसे वहां पूछताछ की जा रही है.

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