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पुलवामा हमला: FBI संग मिलकर आतंकियों की साजिश को डिकोड कर रही NIA

पुलवामा में 14 फरवरी को एक आत्मघाती बम धमाका हुआ था, जिसमें 40 जवानों शहीद हुए थे. एनआईए इस पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसमें पाकिस्तान में बैठे आकाओं और आतंकियों के बीच बातचीत को डिकोड करने के लिए अब एफबीआई की मदद की जा ला रही है.

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जितेंद्र सिंह [Edited By: जावेद अख़्तर]नई दिल्ली, 12 March 2019
पुलवामा हमला: FBI संग मिलकर आतंकियों की साजिश को डिकोड कर रही NIA पुलवामा अटैक में एफबीआई की मदद ले रही एनआईए

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाया है. एनआईए इस आतंकी अटैक की जांच में अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) की मदद ले रही है.

एनआईए सूत्रों से जानकारी मिली है कि FBI की मदद से NIA जैश के आतंकियों द्वारा नए तरीके के चैटिंग ऐप के इस्तेमाल और उसके कंटेंट की तफ्तीश करने में जुटी है. दरअसल, NIA को पता चला है कि पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मुदस्सिर नए-नए चैटिंग ऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं से संपर्क में था.

मुद्दसिर को पाकिस्तान से कश्मीर में हमले कराने के निर्देश मिल रहे थे. मुदस्सिर से पाकिस्तान के सीधे लिंक की जानकारी NIA के पास है. इसी के आधार पर NIA अब FBI की मदद से चैटिंग ऐप के कंटेंट को डिकोड कर रही है. 

NIA सूत्रों के मुताबिक जैश के मारे गए आतंकी मुदस्सिर से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा आतंकी एजेंसी के रडार पर हैं, जिन्होंने पूरी साजिश को अंजाम दिया है. सूत्रों के मुताबिक, NIA को आशंका है कि जैश के आतंकी मुदस्सिर ने कई और फिदायीन आतंकी तैयार किए हैं, जो अब भी कश्मीर में खतरा बन सकते हैं.

जानकारी ये भी मिली है कि NIA पुलवामा केस में आतंकी को जिंदा पकड़ने का प्रयास कर रही है.

बताया ये भी जा रहा है कि पुलवामा हमले में NIA को जम्मू के झझर कोटली से पकड़े गए ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) की पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं.

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले को आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाया था, जिसमें 40 जवानों की शहादत हुई थी. हमले के बाद जैश आतंकी आदिल अहमद का वीडियो आया था, जिसमें वो अटैक की जिम्मेदारी ले रहा था. भारत सरकार ने पाकिस्तान को भेजे गए डोजियर में इस हमले को जैश द्वारा अंजाम दिए जाने के सबूत सौंपे हैं. साथ ही एनआईए मामले की पूरी पड़ताल कर रही है, जिसमें अब एफबीआई की मदद की जा रही है.

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