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नाभा जेल ब्रेक केस: गैंगस्टर सुखचैन सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार

सनसनीखेज नाभा जेल तोड़ने वाले गिरोह के एक वांछित गैंगस्टर सुखचैन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. जेल तोड़ने की घटना को नवंबर 2016 में अंजाम दिया गया था. आरोपी सुखचैन के पास से एक देशी पिस्तौल और एक लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर जब्त की गई. इसके अलावा उसके पास से 630 ग्राम मादक पाउडर जब्त किया गया.

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aajtak.in
मुकेश कुमार चंडीगढ़, 27 April 2017
नाभा जेल ब्रेक केस: गैंगस्टर सुखचैन सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार गैंगस्टर सुखचैन सिंह गिरफ्तार

सनसनीखेज नाभा जेल तोड़ने वाले गिरोह के एक वांछित गैंगस्टर सुखचैन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. जेल तोड़ने की घटना को नवंबर 2016 में अंजाम दिया गया था. आरोपी सुखचैन के पास से एक देशी पिस्तौल और एक लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर जब्त की गई. इसके अलावा उसके पास से 630 ग्राम मादक पाउडर जब्त किया गया.

सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजीपी) गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद संगठित अपराध खुफिया इकाई (ओसीआईयू) के नाभा-संगरुर रोड पर एक कार से गैंगस्टर सुखचैन सिंह को गिरफ्तार किया गया. वह ह्युंडई वेर्ना कार में गैंगस्टर यात्रा कर रहा था. इस पर हरियाणा का जाली रजिस्ट्रेशन नंबर था.

सुखचैन सिंह पर करीब दर्जन भर लूट, छीनैती, डकैती और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं. वह नाभा जेल तोड़ने के मास्टरमांइड गुरप्रीत सिंह सेखों का साथी है. नाभा जेल से बीते साल 27 नवंबर को छह गैंगस्टर बच निकले, जिसमें से हरमिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह नीता और अमन ढोतिया को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बताते चलें कि इस मामले में मुख्य आरोपी अमनदीप सिंह ढोतिया को भी पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया जा चुका है. उसके पास से .32 बोर की 1 देसी पिस्तौल, 1 मैगजीन, 7 कारतूस, 1 मोबाइल, 4 सिम कार्ड और 5 हजार रुपये बरामद हुए हैं. पुलिस को सूचना मिली थी कि अमनदीप अपहरण की योजना बना रहा है. उसको जालंधर से गिरफ्तार किया गया था.

बताते चलें कि पिछले साल नवंबर में पंजाब के पटियाल की नाभा जेल तोड़कर चार अपराधी और दो आतंकवादी फरार हो गए थे. इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन खालिस्तानी आतंकवादी कश्मीर सिंह और अपराधी विक्की गोर्डा अब भी फरार हैं. पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों ने फायरिंग करके वारदात को अंजाम दिया था.

27 नवंबर, 2016 की सुबह 9 बजे पर मुख्य गेट पर दो गाड़ियां आकर रूकी. इनमें पुलिस की वर्दी में लोग बैठे थे. गेट के संतरी ने दरवाजा खोल दिया. दो लोग गाड़ी से उतरे. उनमें से एक ने संतरी को काबू कर लिया, तो दूसरे ने एक दूसरे जवान को काबू में कर लिया. पहले से तैयार आतंकियों और गैंगस्टरों को मैसेज दे दिया कि वे बाहर निकले.

पिस्टल से फायरिंग कर तोड़ा ताला
आतंकी मिंटू और दूसरे कैदी तैयार हो गए. डीओडी पर मुंशी, दरबान और समन काटने वाले पुलिसकर्मी बैठे थे, बदमाशों ने उनको भी काबू में कर लिया. इधर बीच वाले गेट पर बदमाशों की गाड़ियां पहुंच चुकी थी. वह लोग गेट के नीचे से पिस्टल फेंक दिए. अंदर मौजूद कैदी उसी पिस्टल से फायर कर ताला तोड़कर वहां से फरार हो गए.

ऐसे तैयार हुआ जेल ब्रेक का ब्लूप्रिंट
बताया कि पुलिस की वर्दी में आए हर बदमाश के पास दो-दो पिस्टल और पर्याप्त गोलियां थी. इनमें से 6 लोग अमृतसर से, 2 होशियारपुर से, 2 चंडीगढ़ से और 2 लोग फिरोजपुर से आए थे. बदमाशों ने एक रात पहले मोगा जिले के गांव मांगेवाल में जेल ब्रेक का ब्लूप्रिंट तैयार किया था. इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया था.

 

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