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कानपुर शूटआउट: गुर्गों के साथ इनोवा से फरार हुआ था विकास दुबे, पूरे परिवार के फोन साथ ले गया

विकास दुबे घटना के बाद कानपुर देहात में ही अपने करीबी के यहां इनोवा कार से 5 लोगों के साथ पहुंचा था. विकास अपने इस करीबी और उसके परिवार के सभी सदस्यों के फोन को स्विच ऑफ कराकर अपने साथ ले गया.

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aajtak.in
शिवेंद्र श्रीवास्तव लखनऊ, 05 July 2020
कानपुर शूटआउट: गुर्गों के साथ इनोवा से फरार हुआ था विकास दुबे, पूरे परिवार के फोन साथ ले गया यूपी पुलिस को है विकास दुबे की तलाश (फाइल फोटो)

  • करीबी के यहां इनोवा कार से 5 लोगों के साथ पहुंचा था विकास दुबे
  • फोन को स्विच ऑफ कराकर अपने साथ ले गया गैंगस्टर

गैंगस्टर विकास दुबे कानपुर गोलीकांड के बाद अपने साथियों के साथ इनोवा कार से फरार हो गया था. जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे घटना के बाद कानपुर देहात में ही अपने करीबी के यहां इनोवा कार से 5 लोगों के साथ पहुंचा था. विकास अपने इस करीबी और उसके परिवार के सभी सदस्यों के फोन को स्विच ऑफ कराकर अपने साथ ले गया. वह अपने करीबी के घर पर कुछ देर रुकने के बाद निकल गया था.

बता दें कि विकास दुबे कानपुर शूटआउट के बाद से ही फरार है. उत्तर प्रदेश की पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी रही है. उसके खिलाफ 50 हजार का इनाम भी जारी किया गया है. कानपुर मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मियों की मौत के जिम्मेदार कुख्यात अपराधी विकास दुबे की जानकारी जो देगा, उसे 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें- विकास दुबे को था एनकाउंटर में मारे जाने का डर, पुलिस दबिश की पहले से जानकारी

वहीं, विकास दुबे द्वारा की गई हत्याओं को सोशल मीडिया पर सही ठहराने वालों पर केस दर्ज हुआ है. कानपुर के फजलगंज थाने में ये एफआईआर दर्ज हुई है. फेसबुक पर विकास दुबे के पक्ष में और पुलिसकर्मियों की हत्या को सही ठहराने वालों पर ये केस दर्ज हुआ है.

ये भी पढ़ें- गैंगस्टर विकास दुबे पर 50 हजार का इनाम, सर्च ऑपरेशन जारी

इस बीच, ये भी जानकारी है कि कानपुर मे दबिश की खबर मिलने पर विकास दुबे ने पुलिस को धमकी भिजवाई थी. पुलिस ने धमकी को गंभीरता से नहीं लिया.

एनकाउंटर में मारे जाने का था डर

आरोपी विकास दुबे को पुलिस दबिश की जानकारी काफी पहले हो चुकी थी. उसको शक था कि कहीं पुलिस एनकाउंटर करके उनको मार न दे, इसलिए उसने गुरुवार को ही अपने कई परिचितों को घर पर हथियारों के साथ बुला लिया था. जांच कर रही पुलिस ने आरोपी विकास दुबे के जानने वाले असलहाधारी लोगों के यहां छापेमारी की है. हालांकि ज्यादातर लोग फरार हैं.

वहीं, दूसरी ओर इस मामले में कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है. जांच में ये बात सामने आई है कि पुलिस से जुड़े कुछ अफसरों ने अपराधी विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना दी थी.

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