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रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए हर शख्स से ऐंठते थे 10 लाख रुपये, गैंग के दो शातिर गिरफ्तार

गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसके सदस्य रेलवे में नौकरी देने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे. वहीं ठगी के शिकार हुए लोगों का मेडिकल कराने के बाद पूरी प्रक्रिया उसी तरह से अपनाई जाती थी, जिस तरह से रेलवे में नौकरी के लिए होती है.

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aajtak.in
तनसीम हैदर गाजियाबाद, 22 February 2020
रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए हर शख्स से ऐंठते थे 10 लाख रुपये, गैंग के दो शातिर गिरफ्तार गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार (Photo- Aajtak)

  • रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लेते थे मोटी रकम
  • पुलिस ने किया गैंग का पर्दाफाश, 2 सदस्य गिरफ्तार

गाजियाबाद की थाना ट्रॉनिका सिटी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी उस वक्त हाथ लगी जब मुखबिर की सूचना पर अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश हुआ. पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले गैंग के दो शातिरों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने इनके कब्जे से तमाम ऐसे कागजात बरामद किए हैं, जिन्हें ये लोग फर्जी तरह से तैयार किया करते थे. खासतौर से यह लोग साउथ इंडियन और महाराष्ट्र की तरफ के लोगों को अपना निशाना बनाया करते थे.

300 लोगों को बना चुके हैं शिकार

पुलिस की मानें तो अभी तक यह गैंग करीब 300 लोगों को अपना शिकार बना चुका है और नौकरी लगवाने के नाम पर हर शख्स से 10,00000 रुपये की रकम ऐंठा करता था. पुलिस अभी इनके अन्य 2 साथियों की तलाश में जुटी हुई है. पुलिस का दावा है कि अन्य साथियों को जल्द ही धर दबोचा जाएगा.

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इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद के एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने बताया कि पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश करते हुए विकार उल उर्फ विक्की पुत्र साबिर अली और सचिन पुत्र अवधेश सक्सेना नाम के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है.

देते थे फर्जी अप्वॉइंटमेंट लेटर 

आश्चर्य की बात यह है कि ये जिस शख्स को निशाना बनाते उसका बाकायदा मेडिकल कराने के बाद पूरी प्रक्रिया उसी तरह किया करते थे जिस प्रकार रेलवे में नौकरी लगती है और बाकायदा अप्वॉइंटमेंट लेटर भी उन्हें दिया करते थे. इसके लिए गैंग के कुछ लोग रेलवे के बड़ौदा हाउस दफ्तर के बाहर और रेलवे अस्पताल के बाहर ठगी का शिकार बने लोगों को मिलते थे, साथ ही उन्हें रेलवे से जुड़े होने का भरोसा दिला ठगी को अंजाम दिया करते थे. रेलवे अस्पताल के बाहर ही मिल पीड़ित का फर्जी मेडिकल टेस्ट किया जाता और नौकरी का भरोसा दिया जाता था.

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एसपी देहात ने बताया कि इस गिरोह के ठगी की शिकायत थाना ट्रॉनिका सिटी पुलिस को मिली थी कि एक गैंग सक्रिय है, जो रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर लोगों को अपना निशाना बना रहा है. जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन 2 लोगों को धर दबोचा. इन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपना जुर्म स्वीकार भी कर लिया है और बताया है कि यह पूरी तरह फर्जी तरह से ही पेपर तैयार किया करते थे. अब पुलिस इस गिरोह के मास्टरमाइंड नागपुर, महाराष्ट्र निवासी हितेश और एक महिला की तलाश में जुटी है जो अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.

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