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रिपब्लिक डे पर मंच पर दिखे छेड़छाड़ केस में दोषी पूर्व DGP, मचा बवाल

रूचिका मोलेस्टेशन केस की प्रत्यक्षदर्शी और रूचिका की सहेली आराधना ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर घटी यह बेहद दुखद घटना है. रुचिका की मां मधु प्रकाश ने वहीं कहा कि वह स्थानीय प्रशासन की इस असंवेदनशीलता से दुखी हैं.

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मनजीत सहगल [Edited by: आशुतोष]पंचकूला, 28 January 2018
रिपब्लिक डे पर मंच पर दिखे छेड़छाड़ केस में दोषी पूर्व DGP, मचा बवाल रूचिका मोलेस्टेशन केस में दोषी करार दिए जा चुके हैं एसपीएस राठौर

बेहद चर्चित रहे रूचिका छेड़छाड़ मामले में दोषी करार दिए जा चुके हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर के पंचकूला में गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह में पदाधिकारियों के साथ मंच साझा करने को लेकर बवाल उठ खड़ा हुआ है. रूचिका के परिवार वालों ने इस पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है. समारोह के दौरान राठौर मंच पर सबसे आगे की कुर्सियों पर बैठे रहे और उन्होंने ध्वजारोहण में भी हिस्सा लिया.

रूचिका मोलेस्टेशन केस की प्रत्यक्षदर्शी और रूचिका की सहेली आराधना ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर घटी यह बेहद दुखद घटना है. आराधना ने कहा कि निश्चित तौर पर राठौर को समारोह के लिए आमंत्रित किया गया होगा. यह स्थानीय प्रशासन के लिए शर्मनाक बात है. एक तरफ जहां हम रूचिका के पिता आनंद प्रकाश के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारा प्रशासन एक छेड़छाड़ के दोषी अधिकारी को सम्मानित करता है.

गौरतलब है कि आराधना ने पेशे से वकील अपनी मां की मदद से रूचिका का केस खुद लड़ा. आराधना ने राठौर को समारोह में आमंत्रित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है.

वहीं आराधना सवालिया लहजे में कहती हैं कि क्या यह हमारी सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना नहीं है. जब हमारे देश में छेड़छाड़ के मामले बढ़ते जा रहे हैं,

प्रशासन की यह हरकत उसे और बढ़ावा देने वाली है. इस तरह की परिस्थितियों में तो कोई भी महिला खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकेगी.

आराधना कहती हैं, "आप एक छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति को कैसे सम्मानित कर सकते हैं? इस तरह के कार्यों से प्रशासन क्या उदाहरण पेश करना चाहता है?"

बता दें कि राठौर ने 12 अगस्त 1990 को पंचकूला के सेक्टर 6 में हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन (एचएलटीए) के कार्यालय परिसर में ही स्थित अपने घर में रूचिका के साथ छेड़छाड़ की थी. घटना के करीब तीन साल बाद रुचिका ने खुदकुशी कर ली थी. आराधना की गवाही के आधार पर निचली अदालत ने राठौर को दोषी करार दिया था.

रूचिका की मां मधु प्रकाश और पिता आनंद प्रकाश ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए अंत तक लड़ाई लड़ी और अंततः 26 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में राठौर को दोषी करार दिए जाने के निचली अदालत के फैसले पर मुहर लगा दी. रुचिका के पिता की हाल ही में मौत हो गई.

मीडिया रिपोर्ट्स में रुचिका की मां मधु प्रकाश के हवाले से कहा गया है कि वह स्थानीय प्रशासन की इस असंवेदनशीलता से दुखी हैं. उन्होंने कहा कि यह हमारे संविधान को नीचा दिखाना है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तौहीन है.

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