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आर्म्स लाइसेंस में फंसीं सोहा अली खान, लोकायुक्त ने दिए FIR के आदेश

फिल्म एक्ट्रेस सोहा अली खान के सितारे इनदिनों गर्दिश में दिख रहे हैं. ठंडे बस्ते में जा चुके आर्म्स लाइसेंस के एक मामले में अचानक जांच और केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. हरियाणा के लोकायुक्त ने सोहा को जारी किए गए आर्म्स लाइसेंस मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया. बताया जा रहा है कि सोहा को 1996 में आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था, उस वक्त उनकी उम्र 18 साल 1 महीना थी. जबकि लाइसेंस के लिए 21 साल की उम्र अनिवार्य है.

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aajtak.in
मुकेश कुमार चंडीगढ़, 30 April 2017
आर्म्स लाइसेंस में फंसीं सोहा अली खान, लोकायुक्त ने दिए FIR के आदेश फिल्म एक्ट्रेस सोहा अली खान

फिल्म एक्ट्रेस सोहा अली खान के सितारे इनदिनों गर्दिश में दिख रहे हैं. ठंडे बस्ते में जा चुके आर्म्स लाइसेंस के एक मामले में अचानक जांच और केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. हरियाणा के लोकायुक्त ने सोहा को जारी किए गए आर्म्स लाइसेंस मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया. बताया जा रहा है कि सोहा को 1996 में आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था, उस वक्त उनकी उम्र 18 साल 1 महीना थी. जबकि लाइसेंस के लिए 21 साल की उम्र अनिवार्य है.

लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल (रि.) ने इस मामले की अगली सुनवाई की 24 जुलाई को तय की है. इसके साथ ही उन्होंने सीपी और एलए गुड़गांव को इस मामले में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. इस मामले की सुनवाई एनिमल एक्टिविस्ट नरेश कुमार कादियान की शिकायत पर हुई है. पिछले साल मार्च में कादियान ने लोकायुक्त से शिकायत करते हुए इस मामले की जांच की मांग थी, जिसमें कहा गया था कि आर्म्स लाइसेंस मिलने के वक्त सोहा की उम्र कम थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काले हिरण का शिकार मामले में जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ था. आरोप है कि नवाब मंसूर अली खान पटौदी ने 2006 में इस राइफल से झज्जर में काले हिरण का शिकार किया था. इस राइफल को जब्त कर लिया गया, लेकिन रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं था कि यह सोहा खान के नाम से दर्ज है. जांच में सामने आया था कि 12 बोर की यह राइफल पहले सुल्तान के नाम से दर्ज थी, जिसे बाद में सोहा अली खान के नाम किया गया था.

इस साल 10 मार्च को लोकायुक्त को सौंपी गई रिपोर्ट में रजिस्ट्रार ने कहा था कि सोहा अली खान को 18 से कम उम्र में ही आर्म्स लाइसेंस जारी कर दिया गया था, यह साबित हो चुका है. सोहा ने आईपीसी की धारा 420 के तहत दंडनीय अपराध किया, जिसके के लिए उन्हें सजा दी जानी चाहिए. 20 अप्रैल को सुनवाई करते हुए लोकायुक्त जस्टिस ने गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर, झज्जर के एसपी और कलेक्टर सहित 5 लोगों को 24 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.

 

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