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11 जनवरी को आएगा रामचन्द्र छत्रपति मर्डर केस में फैसला, राम रहीम की बढ़ेंगी मुश्किलें

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के काले कारनामों का खुलासा करने वाले अखबार के संपादक रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत अब नतीजे पर पहुंचने के बहुत करीब है. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद  अदालत 11 जनवरी को फैसला सुनाएगी.

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सतेंदर चौहान [Edited By: श्यामसुंदर गोयल ]चंडीगढ़, 02 January 2019
11 जनवरी को आएगा रामचन्द्र छत्रपति मर्डर केस में फैसला, राम रहीम की बढ़ेंगी मुश्किलें राम रहीम (Photo:aajtak)

सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में बुधवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों के बीच बहस पूरी हो चुकी है अब 11 जनवरी को इस मामले में फैसला आ सकता है. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत अब नतीजे पर पहुंचेगी. 16 साल पहले हुए रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में फैसला आने पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की मुश्किलें बढ़ सकते हैं.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के काले कारनामों का खुलासा करने वाले सिरसा के पूरा सच अखबार के संपादक रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत अब नतीजे पर पहुंचने के बहुत करीब है. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अब अदालत 11 जनवरी को फैसला सुनाएगी.

रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने एक ताकतवर दुश्मन के साथ इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी है और उम्मीद है कि 16 साल बाद अब हमें इंसाफ मिल जाएगा. अंशुल छत्रपति ने कहा कि इस मामले में सीबीआई के वकीलों ने पूरे संजीदा तरीके से पैरवी की है और तमाम तर्कों के साथ अब पूरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है. अदालत ने 11 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है. 11 जनवरी को इस मामले में अदालत कोई फैसला सुना सकती है.

गौरतलब है कि 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पर हमला कर उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया था. 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रामचंद्र छत्रपति जिंदगी की लड़ाई हार गए. उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने हार नहीं मानी और सीबीआई जांच की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की.

नवंबर 2003 में हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और दिसंबर में इस केस की जांच शुरू हुई. हालांकि 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा की याचिका खारिज कर दी. करीब 15 साल इस केस की सुनवाई सीबीआई अदालत में चली और अब दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत नतीजे के बेहद करीब है.

11 जनवरी को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी. यह वही अदालत है जिसने गुरमीत राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी. ऐसे में 11 जनवरी को यदि गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ कोई फैसला आता है तो सलाखों के पीछे बंद गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं.

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