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खुलासाः हर बार गैंगरेप से पहले ड्रग्स देते थे बीजेपी वर्कर

गुजरात के कच्छ में हुए नलिया गैंगरेप मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्त में आए आरोपियों में कुछ बीजेपी वर्कर भी शामिल हैं, जिन्हें पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है. पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी पीड़िता के साथ हर बार रेप करने से पहले उसे ड्रग्स देते थे.

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गोपी घांघर [Edited By: राहुल सिंह]कच्छ, 10 February 2017
खुलासाः हर बार गैंगरेप से पहले ड्रग्स देते थे बीजेपी वर्कर आरोपी गैंगरेप से पहले पीड़िता को देते थे ड्रग्स

गुजरात के कच्छ में हुए नलिया गैंगरेप मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्त में आए आरोपियों में कुछ बीजेपी वर्कर भी शामिल हैं, जिन्हें पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है. पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी पीड़िता के साथ हर बार रेप करने से पहले उसे ड्रग्स देते थे.

पीड़िता कच्छ के नलिया इलाके में रहती है. दरअसल 25 जनवरी को पीड़िता ने गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. दरअसल इस केस में कुछ हाईप्रोफाइल लोगों का नाम सामने आया था. मामले के तूल पकड़ते ही राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था.

आरोपियों के देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते पुलिस ने सभी राज्यों के एयरपोर्ट पर लुक आउट नोटिस जारी किया था. पुलिस ने गुरुवार को एक कार भी जब्त की थी, जो गैस एजेंसी के मालिक शांतिलाल सोलंकी की बताई जा रही है. पुलिस ने बताया कि इस कार में पीड़िता के साथ कई बार गैंगरेप किया गया.

बताते चलें कि गुजरात बीजेपी ने गैंगरेप केस में पार्टी सदस्यों का नाम आने के बाद शांतिलाल समेत 4 आरोपियों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था. आरोपी भरत चौहान, विनोद उर्फ बाबा सेठ ठक्कर, उसका बेटा चेतन ठक्कर और अश्विन रविलाल ठक्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. चेतन ठक्कर एक बीजेपी नेता है और स्थानीय चुनाव जीत चुका है.

महिला के पास से बीजेपी का आई कार्ड मिलने के बाद गुजरात कांग्रेस के नेताओं ने इस मामले में रिटायर्ड जज की अगुवाई में एसआईटी जांच की मांग की है. राज्य के गृहमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि महिला के पास से जो आई कार्ड मिला है, उस पर महिला की फोटो लगी हुई है. जबकि उनकी पार्टी फोटो वाले आई कार्ड जारी ही नहीं करती है.

गौरतलब है कि महिला के साथ गैंगरेप की पहली वारदात साल 2015 में हुई थी. पीड़िता शांतिलाल की गैस एजेंसी पर काम करती थी. पीड़िता का आरोप है कि जब दिवाली पर उसने शांतिलाल से एडवांस सैलरी की मांग की तो उसने पीड़िता को घर आकर पैसे लेने की बात कही. पीड़िता के घर पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और फिर उसके साथ गैंगरेप किया.

आरोपियों ने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बनाया. जिसे वायरल करने की धमकी देकर आरोपी पिछले डेढ़ साल से पीड़िता को ब्लैकमेल कर रहे थे. पीड़िता की मानें तो आरोपी हर बार उसके साथ रेप करने से पहले उसे ड्रग्स देते थे. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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