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गौरी लंकेश केस में सुराग के बाद से ATS रख रही थी वैभव पर नजर

शातिर वैभव राउत को गिरफ्तार करने वाली एटीएस की टीम भी उसके घर से मिले मौत के सामान को देखकर दंग रह गई. इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक और बम मिलने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था.
गौरी लंकेश केस में सुराग के बाद से ATS रख रही थी वैभव पर नजर ATS इस मामले में आरोपी वैभव को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी
aajtak.in [Edited by: परवेज़ सागर]नई दिल्ली, 10 August 2018

महाराष्ट्र एटीएस ने शुक्रवार की सुबह जब नालसोपारा से वैभव राउत को गिरफ्तार किया तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि वो मौत का सामान अपने घर में जमा कर रहा था. दबिश के वक्त जब उसके घर की तलाशी ली गई तो एटीएस की टीम वहां से मिले विस्फोटक देखकर हैरान रह गई.

एटीएस के सूत्रों ने बताया कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या मामले में आमोल काले को गिरफ्तार किया गया था. काले पेशे से एक इंजीनियर है. वही गौरी लंकेश हत्याकांड का मास्टरमाइंड भी था. एसआईटी ने गौरी की हत्या के मामले में जब जांच के दौरान काले को पकड़ा तो पूछताछ में उसने अपने संगठन से जुड़े लोगों के नाम पते उगल दिए.

दरअसल, उस संगठन के लिए काम कर रहे लगभग 10 लोगों की सूची एसआईटी को काले से मिली थी. जिसमें सनातन संस्था से जुड़े वैभव राउत का नाम भी शामिल है. जो एक शातिर किस्म की व्यक्ति है. एटीएस पिछले कई दिनों से उस पर नजर रख रही थी. गिरफ्तारी के वक्त उसके कब्जे से कई देसी लाइव बम और विस्फोटक बरामद किए गए है.

एटीएस के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि राउत कई हिंदूवादी संगठनों और गोरक्षा समूहों के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहा है. 2015 में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हुए थे. वो कुछ दिन पहले ही बाहर आया था. वह हिंदू समाज के विषय में जागरूकता फैलाने के काम में बहुत सक्रिय था.

उसने कई लोगों के साथ बैठकें भी कीं. बाहर वो चाहे जो भी कर रहा था. लेकिन अपने इलाके में लोगों के बीच उसे बहुत अच्छा समझा जाता है. लोग उसकी करतूतों से वहां वाकिफ ही नहीं थे.

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