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नागमणि का लालच देकर 22 लाख की ठगी, 4 फर्जी बाबा गिरफ्तार

नागमणि देने का वायदा कर धूर्त बाबा ने 22 लाख की रकम अपने विभिन्न खातों में डलवा ली. पैसे आते ही धूर्त बाबा ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए.

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aajtak.in
आशुतोष कुमार मौर्य/ सुनील नामदेव राजनांदगांव/नई दिल्ली, 10 June 2018
नागमणि का लालच देकर 22 लाख की ठगी, 4 फर्जी बाबा गिरफ्तार 22 लाख ठगने वाले 4 फर्जी बाबा गिरफ्तार

दिल्ली से सटे नोएडा से चार ऐसे फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो नागमणि का लालच देकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. ऐसे ही एक वारदात के तहत, इन फर्जी बाबाओं ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के रहने वाले एक आभूषण व्यापारी को 22 लाख रुपये का चूना लगा दिया.

पुलिस ने बताया कि चारों फर्जी बाबा नोएडा के एक होटल से गिरफ्तार किए गए. पुलिस ने बताया कि ठगी के इस गिरोह का मास्टरमाइंड रवीश कुमार सिंह है, जबकि गिरफ्तार अन्य फर्जी बाबाओं की पहचान धनंजय प्रसाद, सुधीर महेसिया और अभिषेक सिंह के रूप में हुई है.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार फर्जी बाबाओं के पास से दो दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन, पांच लैंडलाइन फोन के सेट, कम्प्यूटर, लैपटॉप के अलावा 15 लाख रुपये नकद बरामद हुआ है. पुलिस अब बरामद मोबाइल और कंप्यूटर की जांच कर रही है.

पुलिस को शक है इस तरह नागमणि का लालच देकर इन फर्जी बाबाओं ने कइयों को अपनी लूट का शिकार बनाया है. पुलिस के मुताबिक, चारों इतने शातिर हैं कि शिकायत दर्ज होने के पूरे दो साल बाद इन्हें गिरफ्तार किया जा सका है.

जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव के डोंगरगाव का रहने वाला राकेश कुमार देवांगन आभूषणों का कारोबारी है. कुछ माह से व्यापार में उसे काफी घाटा उठाना पड़ा. इस बीच किसी ने उसे नागमणि वाले बाबा के बारे में बताया. राकेश ने लालच में आकर नागमणि हासिल करने की ठान ली.

उसे किसी ने बताया था कि बिहार के मधुबनी में रहने वाले एक शख्स के पास नागमणि है. राकेश ने फिर नागमणि वाले बाबा को फोन करना शुरू कर दिया. बाबा बेहद चालाक और धूर्त किस्म का था. उसने राकेश को धनवान बनने और व्यापारिक घाटे से बचने के कई गुरुमंत्र दिए.

धूर्त बाबा ने राकेश को तंत्र-मंत्र क्रिया करने का सुझाव भी दिया. फिर एक दिन नागमणि देने का वायदा कर धूर्त बाबा ने 22 लाख की रकम अपने विभिन्न खातों में डलवा ली. पैसे आते ही धूर्त बाबा ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए.

इतना ही नहीं बाबा बने ये ठगों ने अपना पता-ठिकाना भी बदल लिया. जब राकेश को समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है तो, उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने ठगों की काफी खोजबीन की लेकिन कोई भी उसके हाथ नहीं आया.

करीब दो साल बाद पीड़ित राकेश को फर्जी बाबाओं का नया पता ठिकाना मिला. राकेश ने बगैर देर किए इसकी सूचना पुलिस को दी. और पुलिस ने नोएडा से बाबा बने चारों ठगों को गिरफ्तार कर लिया.

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