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दिल्ली: 18 साल से वारदातों को अंजाम देने वाले बांग्लादेशी लुटेरे गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने लुटेरों के एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 18 साल से चोरी, डकैती और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बांग्लादेश के रहने वाले बदमाशों के गिरोह को पकड़ा है.

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हिमांशु मिश्रा [Edited by: सना जैदी]नई दिल्ली, 24 November 2018
दिल्ली: 18 साल से वारदातों को अंजाम देने वाले बांग्लादेशी लुटेरे गिरफ्तार बांग्लादेशी लुटेरे गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी लुटेरों के गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने पिछले 18साल में देशभर में 100 से ज्यादा अपराधों को अंजाम दिया है. जिसमें रेप, डकैती और कत्ल के मामले शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक दिल्ली के तैमूर नगर इलाके में पकड़ में आए सभी बदमाश बांग्लादेश के रहने वाले हैं. किसी भी बड़ी लूट के बाद यह वापस माल छुपाने के लिए बांग्लादेश चले जाते थे और फिर वापस आकर दिल्ली में किसी भी झुग्गी-बस्ती में कमरा किराए पर लेकर रहने लगते थे.

एनकाउंटर के दौरान 3 बदमाशों ने किया सरेंडर

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) पिछले कई महीनों से इस गैंग के पीछे थी. इसी दौरान शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात पुलिस को पता लगा कि बांग्लादेशी गैंग का लीडर फारुख उर्फ असलम तैमूर नगर में आने वाला है. पुलिस के मुताबिक ये लोग तड़गे 4 बजे के करीब वारदात को अंजाम देते थे, खबर थी कि ये न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में किसी वारदात को अंजाम देने वाले हैं, लेकिन पुलिस को इनकी भनक लग गई.

3 बदमाशों ने किया सरेंडर, 2 के लगी गोली

पुलिस ने तैमूर नगर इलाके में घेराबंदी कर दी. शनिवार तड़के करीब 4 बजे पुलिस को गैंग के बदमाश नजर आए, पुलिस ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने के लिए कहा. तीन बदमाशों ने तो सरेंडर कर दिया लेकिन दो बदमाश गोली चलाते हुए भागने लगे. बदमाशों ने कॉन्स्टेबल को टारगेट करके गोली मारी लेकिन गनीमत रही कि उसने बुलेट प्रूफ पहना था. जिसकी वजह से उसकी जान बच गई. जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

वारदात से पहले करते थे इलाके की रेकी

पुलिस के मुताबिक देश के जिस हिस्से में इन्हें वारदात को अंजाम देना होता था ये वहां पहुंचकर रिहायशी इलाके की रेकी करते थे. मोबाइल फोन ये रखते नहीं थे और वारदात को अंजाम देने के बाद ये तुरंत वो इलाका छोड़ देते थे. इन्होंने अपना ठिकाना दिल्ली में ही बना रखा था.

2001 में भी हुए थे गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता लगा कि 2001 में इस गैंग ने एक दिन वकील प्रशांत भूषण के घर और अगले ही दिन न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज के घर को निशाना बनाया था. इन मामलों में ये पकड़े भी गए थे लेकिन बाद में जमानत मिल गई थी. बेल पर छूटने के बाद इन सबने फिर से वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया.

रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस

पूछताछ में मिली जानकारी के मुताबिक वो गोवा से लेकर कर्नाटक तक, गुजरात से लेकिन दिल्ली तक हर जगह वारदात को अंजाम दे चुके हैं. दिल्ली पुलिस अब इनके रिकॉर्ड को खंगाल रही है. इसके लिए दिल्ली पुलिस गोवा पुलिस, कर्नाटक पुलिस और गुजरात पुलिस के सम्पर्क में है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस गैंग के एक गुर्गे ने अभी कुछ दिनों पहले ही पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार में एक सब इन्पेक्टर पर गोली चलाकर उसे घायल कर दिया था.

औजार और हथियार बरामद

पुलिस ने गैंग के सरगना फारुख उर्फ असलम के अलावा, कबीर, जाकिर, इनादुल और असलम उर्फ खोकन को गिरफ्तार किया है. इनके पास घरों में सेंध लगाने के औजारों के अलावा तीन तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस ने कहा 18 वर्षों में इन्होंने कितनी वारदातों को अंजाम दिया इसके लिए पूछताछ जारी है.

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