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दिल्ली: घरेलू नौकर रखना चाहते हैं तो सावधान, सक्रिय है यह गिरोह

तपन तो निश्चिंत थे कि सुभर्ता कभी चोरी नहीं करेगा और करेगा भी तो पकड़ा जाएगा. लेकिन जब 5 दिसम्बर को शादी समारोह से तपन वापस आए तो देखा कि उनकी अलमारी का लॉक टूटा हुआ है और उसमें रखा 30 लाख कैश गायब हैं.

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हिमांशु मिश्रा/ आशुतोष कुमार मौर्य नई दिल्ली, 22 December 2017
दिल्ली: घरेलू नौकर रखना चाहते हैं तो सावधान, सक्रिय है यह गिरोह ओडिशा से पकड़े गए चोर

दिल्ली पुलिस ने घरेलू नौकरों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मौका लगते है कि मालिक के घर में ही चोरी कर फरार हो जाता है. दिल्ली पुलिस ने ओडिशा से गैंग के सरगना सहित 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. चोरों के पास से 17 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं.

पुलिस ने बताया कि इस गैंग का सरगना लोगों के घरों में जूठे बर्तन साफ करने का काम लेता और मौका मिलते ही वह अपने गैंग के बदमाशों को बुलाकर पूरे घर पर हाथ साफ कर देता. पुलिस के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में इस गैंग ने कई वारदातों को अंजाम दिया है, जिसकी विस्तृत जानकारी इकट्ठी की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक 5 दिसंबर को शकरपुर इलाके के प्रियदर्शनी विहार के रहने वाले तपन मेहंदीरत्ता अपने परिवार के साथ किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे. घर पर उनका नौकर सुभर्ता बापी अकेला था. तपन ने सुभर्ता को एक प्लेसमेंट एंजेसी के जरिए नौकरी पर रखा था.

तपन तो निश्चिंत थे कि सुभर्ता कभी चोरी नहीं करेगा और करेगा भी तो पकड़ा जाएगा. लेकिन जब 5 दिसम्बर को शादी समारोह से तपन वापस आए तो देखा कि उनकी अलमारी का लॉक टूटा हुआ है और उसमें रखा 30 लाख कैश गायब है. साथ ही उनका नौकर भी फरार है.

तपन ने तुरंत पुलिस को फोन किया. तपन ने पुलिस को प्लेसमेंट ऐजेंसी के तमाम पेपर भी दे दिए, जो एंजेसी ने सुभर्ता को नौकरी पर रखते वक्त उन्हें दिए थे. पुलिस ने जब ऐजेंसी द्वारा दिए गए मोबाइल नम्बर और एड्रेस चेक किए तो दोनों ही फर्जी निकले.

इसके बाद पुलिस ने तपन के मोबाइल पर आए कॉल की डीटेल्स निकालीं, जो 5 दिसम्बर को प्रियदर्शिनी विहार इलाके से किए गए थे. पुलिस को वहीं से सुराग मिला. पुलिस को ओडिशा के गैंग के बारे में पता लगा. जिसके बाद पुलिस की एक टीम ओडिशा गई और वहां से सुभर्ता समेत गैंग 5 बदमाशों को दबोच लिया.

चोरों के पास से चोरी के 17 लाख भी बरामद हुए. पूछताछ में सुभर्ता ने पुलिस को बताया कि वे खुद को बेरोजगार बताकर प्लेसमेंट एजेंसी में रजिस्टर करवा लेते. फिर किसी कोठी में काम करने लगते.

जब घर के मालिक का विश्वास जीत लेते तो पूरे घर की विडियोग्राफी करके अपने साथियों को भेज देते. और फिर जिस दिन मौका मिलता घर में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते.

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