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कोरोना का कहरः अगर बचना है तो चीन की गलतियों से ये सबक ले सकते हैं हम!

दुनिया में जहां-जहां कोरोना पहुंचा, वहां इससे निपटने की जद्दोजेहद जारी है. और जहां नहीं पहुंचा, वहां इसे रोकने की. मगर मुश्किल ये है कि इस महामारी को रोकने का कोई रास्ता फिलहाल दुनिया के पास नहीं है. न ही वैक्सीन है और न ही कोई दवा.

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शम्स ताहिर खान / परवेज़ सागर नई दिल्ली, 26 March 2020
कोरोना का कहरः अगर बचना है तो चीन की गलतियों से ये सबक ले सकते हैं हम! पूरे देश में कोरोना से ग्रसित लोगों की संख्या 650 के पार जा चुकी है (फोटो- AP)

  • पूरी दुनिया में बरपा है कोरोना का कहर
  • भारत में कोविड-19 के मामले 650 के पार

कोरोना यानी कोविड-19 जैसे जानलेवा वायरस के फैलने से पहले चीन ने कुछ ऐसी गलतियां की, जिनकी वजह से इस वायरस ने महामारी का रूप ले लिया. अब सवाल उठता है कि आखिर हिंदुस्तान को क्या नहीं करना. अब हमारे देश को उन देशों की गलतियों से भी सीखना चाहिए, जहां कोरोना वायरस विकराल रूप ले चुका है.

कोरोना से मुकाबला

दुनिया में जहां-जहां कोरोना पहुंचा, वहां इससे निपटने की जद्दोजेहद जारी है. और जहां नहीं पहुंचा, वहां इसे रोकने की. मगर मुश्किल ये है कि इस महामारी को रोकने का कोई रास्ता फिलहाल दुनिया के पास नहीं है. न ही वैक्सीन है और न ही कोई दवा. जिस तेजी से ये संक्रमण फैलता है, उसे रोकना भी आसान नहीं है. चीन ने जो गलतियां इस वायरस का पर्दाफाश होने के बाद कीं वो हमसे ना हों इसलिए उसकी गलतियों पर नज़र डालना ज़रूरी है.

ये ज़रूर पढ़ेंः चीन में टूटने के कगार पर है जानलेवा वायरस का कालचक्र!

कोरोना के लक्षण पहचानने में गलती

शुरुआत में जागरुकता ना होने की वजह से कोरोना फैलता चला गया. लोगों ने संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को पहचानने में गलती की. यही वजह रही कि शुरुआती सतर्कता ना होने की वजह से यह महामारी तेज़ी से फैलती गई. चीन ने बात हाथ से निकल जाने के बाद सख्त कदम उठाए. एक शहर से दूसरे शहर के बीच आवाजाही को रोकने में भी देरी की गई थी.

कोरोना से ऐसे बचेगा भारत

डॉक्टरों के मामले में चीन की स्थिति भारत से बहुत बेहतर नहीं है. मगर इस वायरस को देखते हुए जिस तेज़ी से चीन ने अपनी मेडिकल सुविधाएं बढ़ाईं और अस्थाई अस्पताल तैयार किए उसने बेशक कई मरीज़ों की जान बचाई. भारत को भी आने वाले खतरे को देखते हुए देश में अस्थाई अस्पताल और क्वारनटीन सेंटर तैयार करने होंगे. इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान स्कूल-कॉलेज, दफ्तर और सड़कों को बड़े पैमाने पर सैनिटाइज करना होगा.

ये भी ज़रूर पढ़ेंः डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को किया परेशान तो मकान मालिकों पर होगी कार्रवाई

उठाने होंगे कड़े कदम

कोरोना को हराना है तो कड़े कदम उठाने ही होंगे. हालांकि भारत ने कोरोना के चलते कुछ कदम तो बहुत पहले ही उठा लिए हैं. उम्मीद कीजिए कि दुनिया के देशों में कोरोना ने जैसा कहर मचाया है, वैसा हिन्दुस्तान में न हो. भले ही इसके लिए लोगों को कुछ और दिन घर में क्यों ना बिताने पड़े. क्योंकि जान है तो जहान है.

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