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छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, पांच सौ लोग मुक्त कराए गए

छत्तीसगढ़ राज्य में एक मानव तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है. जहां पांच सौ लोगों को श्रम विभाग ने पुलिस की मदद से मुक्त कराया है. इन सभी लोगों को रोजगार का लालच देकर दूसरे राज्य में बंधुआ मजदूर के तौर पर ले जाया जा रहा था.

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aajtak.in
परवेज़ सागर/ सुनील नामदेव रायपुर, 25 November 2016
छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, पांच सौ लोग मुक्त कराए गए पुलिस मानव तस्करी करने वाले आरोपियों की तलाश कर रही है

छत्तीसगढ़ राज्य में एक मानव तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है. जहां पांच सौ लोगों को श्रम विभाग ने पुलिस की मदद से मुक्त कराया है. इन सभी लोगों को रोजगार का लालच देकर दूसरे राज्य में बंधुआ मजदूर के तौर पर ले जाया जा रहा था.

दरअसल रायपुर के अधिकारियों को खबर मिली थी कि रायपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में मजदूर जमा हो रहे हैं. इस सूचना के बाद जिलाधिकारी ने श्रम विभाग की टीम को फौरन मामले की जांच के लिए मौके पर भेजा. जब श्रम विभाग के अधिकारियों ने वहां मौजूद कई सौ लोगों से बात की तो मामला खुल गया.

अधिकारियों को पता चला कि सूबे के महासमुंद जिले और ओडिशा राज्य के गांवो से पांच सौ से ज्यादा मजदूरों को परिवार सहित ट्रेनों से उत्तर प्रदेश भेजने के लिए रायपुर स्टेशन पर लाया गया था. इन सभी को दुर्ग ननतनवा एक्सप्रेस और सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए से उत्तर प्रदेश के ईंट भट्टों पर मजदूरी के लिए भेजा जा रहा था.

इन लोगों में बड़ी संख्या नाबालिग लड़के-लड़कियों की है. इनमें से ज्यादातर नाबालिग पढ़ाई छोड़कर अपने परिवार के साथ रोजगार के लालच में जा रहे थे. नाबालिगों के मुताबिक वे पढ़ना चाहते हैं लेकिन रोजगार के लिए स्कूल छोड़कर जाना पड़ रहा है.

इन मजदूरों को लेकर जाने वाले दलाल मुकेश और नंदू मौके से भाग निकले. पुलिस के मुताबिक़ पूछताछ में पता चला है इन सभी लोगों को आरोपी दलाल महासमुंद जिले के सांकरा, बसना, सरायपाली और पिथौरा गांव से लाए थे. इन लोगों में एक बड़ी संख्या ओडिशा राज्य के निवासियों की भी है.

मजदूरों ने बताया कि उन्हें इलाहाबाद, बस्ती, गोरखपुर और अन्य जिलों में संचालित ईंट भट्ठों में काम करने के लिए ले जाया जा रहा था. दलाल राजेंद्र, नंदू महंती और लक्ष्मी नामक ठेकेदार इस काम में शामिल थे. ट्रेन की टिकट भी ठेकेदारों के पास ही थी.

दरअसल, छत्तीसगढ़ में पिछले दो हफ़्तों से चली आ रही राइस मिलों की हड़ताल से एक लाख से ज्यादा मजदूर और हमालों की हालत खराब होती जा रही है. रोज कमाओ रोज खाओ की तर्ज पर हमालों और मजदूरों की रोजी रोटी चलती है. इसी बात का फायदा उठाकर दलाल मानव तस्करी कर रहे हैं.

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