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नई बैरक- नई पोशाक, सजा के बाद जेल में ऐसे कटेगी कैदी नंबर 130 आसाराम की जिंदगी

जेल सूत्रों के मुताबिक, आसाराम अब तक जेल में संत की हैसियत से ही रह रहा था, लेकिन अब उसकी हैसियत एक सजायाफ्ता मुजरिम जैसी ही होगी.

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aajtak.in
शरत कुमार / आशुतोष कुमार मौर्य जोधपुर, 25 April 2018
नई बैरक- नई पोशाक, सजा के बाद जेल में ऐसे कटेगी कैदी नंबर 130 आसाराम की जिंदगी दोषी से सजायाफ्ता मुजरिम हुआ आसाराम

जोधपुर कोर्ट ने स्वंयभू 'भगवान' आसाराम को एक नाबालिग लड़की से रेप का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी है. रेप का दोषी साबित होने और सजा सुनाए जाने के बाद अब आसाराम जोधपुर कोर्ट में सजायाफ्ता मुजरिम के तौर पर रहेगा. जेल सूत्रों के मुताबिक, आसाराम अब तक जेल में संत की हैसियत से ही रह रहा था, लेकिन अब उसकी हैसियत एक सजायाफ्ता मुजरिम जैसी ही होगी.

फिलहाल बैरक नंबर 2 में ही रहेगा आसाराम

जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर ही तैयार किए गए कोर्ट में आसाराम ने अपने खिलाफ फैसला सुना. फैसला सुनने के बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा. थोड़ी देर के लिए आसाराम को वहीं छोड़ दिया गया. फिर वह उठा और अपने बैरक में चला गया. जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि फिलहाल आसाराम को बैरक नंबर 2 में ही रखा जाएगा. बाद में सुरक्षा के नियमों के तहत किस बैरक में शिफ्ट करना है उस पर विचार किया जाएगा.

नहीं मिलेगा आश्रम का खाना

आसाराम के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल ही अब तक आश्रम बना हुआ था. अब तक आसाराम जेल का खाना नहीं खाता था. आसाराम के समर्थक उसके लिए आश्रम से खाना लाते थे. भक्तों द्वारा लाई गई टॉफियों और ड्राइफ्रूट को आसाराम प्रसाद के तौर पर जेल में बांटता था. लेकिन अब से उसे जेल का ही खाना खाना पड़ेगा.

जेल में ऐसी हरकतें करता था आसाराम

पहनेगा कैदियों वाली वर्दी

जेल के डीआईजी ने बताया कि कैदियों को सफेद कपड़ा दिया जाता है. आसाराम भी सफेद वस्त्र ही पहनता है, लेकिन अब तक उसके कपड़े बाहर से आते थे. लेकिन जेल नियमों के अनुसार अब उसे कैदियों के लिए तय वर्दी पहननी पड़ेगी. डीआईजी विक्रम सिंह ने बताया कि कल सुबह टेलर आसाराम का नाप लेगा, फिर उसकी वर्दी तैयार की जाएगी.

जेल प्रशासन को मिलेगी राहत

जेल को आश्रम बनाकर अब तक आसाराम मस्ती करता था. जेल सूत्रों के अनुसार, वह अक्सर अजीबोगरीब हरकतें करता रहता था. कभी अचानक भजन गाने लगता है तो कभी तालियां बजाता. उसकी हरकतों से जेल प्रशासन भी परेशान था. लेकिन अब जेल प्रशासन को राहत मिल सकती है, क्योंकि अब उसकी हैसियत संत की नहीं बल्कि एक सजायाफ्ता मुजरिम जैसी हो जाएगी.

फैसला सुनकर रो पड़ा आसाराम

जेल में खत्म होगी आसाराम की गुंडई

आसाराम अब तक जेल में दबंग जैसी स्थिति में रह रहा था. जेल में बंद दूसरे कैदियों की बात ही छोड़िए, जेल स्टाफ भी उसके दबदबे में रहता था. क्योंकि आसाराम के समर्थक आए दिन उत्पात मचाकर सरेंडर कर देते और जोधपुर जेल में आसाराम के साथ कैदी बनकर रहने लगते. आसाराम के इन भक्तों ने कई बार दूसरे कैदियों की पिटाई तक की. अब उसके समर्थक ऐसा कुछ नहीं कर पाएंगे.

फैसले से पहले इस तरह बीती आसाराम की सुबह

जेल के डीआईजी ने बताया कि आसाराम आज सुबह 5 बजे ही उठ गया था. कल रात ही उसे बता दिया गया था कि जेल में तैयार अस्थायी कोर्ट में आज सुबह 8 बजे उसके खिलाफ फैसले की सुनवाई शुरू हो जाएगी और वह इसके लिए पहले से तैयार रहे. आसाराम ने 5 बजे जागने के बाद नहा-धोकर पूजा की. करीब 7 बजे उसने घर से खाना आया. नाश्ते में आसाराम ने कुछ फल खाए.

इस स्टिंग से पहली बार बेनकाब हुआ था आसाराम

कोर्ट को 15 मिनट तक करवाया इंतजार

आसाराम को जब बताया गया कि कोर्ट में चलने के लिए तैयार हो जाए और जज साहब कोर्ट में आ गए. इसके बावजूद उसने कहा कि उसे 15 मिनट और दिया जाए, क्योंकि वह ध्यान करने जा रहा है. 15 मिनट ध्यान करने के बाद आसाराम ने कोर्ट में प्रवेश किया. सुनवाई के दौरान हालांकि वह चुपचाप खड़ा रहा.

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