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इलाहाबाद में 'बुराड़ी कांड': घर के मुखिया पर है पुलिस को शक

दिल्ली के बुराड़ी कांड की तरह ही इलाहाबाद में एक घर से पांच लाशें मिलने का मामला उलझा हुआ है. प्राथमिक जांच में पुलिस ने पाया कि न तो कई घर के अंदर आया और न ही कोई घर से बाहर गया.

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aajtak.in [Edited by: परवेज़ सागर]इलाहाबाद, 21 August 2018
इलाहाबाद में 'बुराड़ी कांड': घर के मुखिया पर है पुलिस को शक पुलिस मामले की छानबीन कर रही है

इलाहाबाद में एक ही परिवार के 5 लोगों की ज़िंदगी ख़त्म हो गई. शक के घेरे में घर का मुखिया है. माना जा रहा है कि उसने पत्नी और अपनी तीन बेटियों की हत्या के बाद खुदकुशी कर ली. मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर घर के मुखिया ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. हालांकि पहली नज़र में पुलिस को लग रहा है कि घऱेलू झगड़ा ही इस जघन्य हत्याकांड की वजह बना.

घर से मिली पांच लाशें

इलाहाबाद के धूमन गंज इलाके में पीपल गांव के एक घर में जब पुलिस दाखिल हुई तो उसके होश फाख्ता हो गए. घर के अंदर लाशें बिखरी पड़ी थी. एक-एक पूरी पांच लाशें बाहर निकाली गईं. घर के मुखिया मनोज की लाश. उसकी पत्नी श्वेता की लाश. तीन बेटियों की लाश. मौत ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा परिवार ख़त्म हो गया. पुलिस के साथ आस-पड़ोस के लोगों के दिमाग में एक ही सवाल झपट्टे मार रहा है कि आखिर ये क्यों हुआ. कैसे हुआ.

सुबह घर से बाहर गया था मनोज

इलाके के लोग बताते हैं कि सोमवार सुबह मनोज को आखिरी बार बाहर देखा गया. उसके बाद न तो मनोज बाहर आया और ना ही उसके परिवार का कोई सदस्य. पड़ोसियों को कुछ खटका हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची. घर का दरवाजा तोड़ कर अंदर दाखिल हुई तो मंज़र हिला देने वाला था.

फ्रिज, अलमारी और बक्से में भी लाशें

घर का सामान चारों तरफ बिखरा हुआ था. मनोज की लाश पंखे से लटक रही थी. फ्रिज में पत्नी श्वेता की लाश थी. अलमारी में 8 साल की प्रीति की लाश. 3 साल की श्रेया की लाश को बक्से में रखा गया था. जबकि 6 साल की शिवानी लाश बिस्तर पर पड़ी थी.

घर में कोई आया-गया भी नहीं

पूरे परिवार के एक साथ खात्मे की ये ख़बर जंगल में आग की तरह फैल गई. लोगों की भीड़ घऱ के आस-पास जमा हो गई. मौके पर एसएसपी और एडीजी भी पहुंच गए. पहली नज़र में पुलिस को किसी के अंदर दाखिल होने और बाहर जाने का कोई सबूत नहीं मिला है.

घर के मुखिया ने किए कत्ल, फिर लगाई फांसी

माना जा रहा है कि घर के मुखिया मनोज ने ही पहले सबको मारा और फिर खुदकुशी कर ली. पुलिस को शक है कि सबको गला दबा कर मारा गया है. हालांकि इस जघन्य हत्याकांड का मकसद अभी तक साफ नहीं है. पुलिस प्रथम दृष्टया घरेलू झगड़े को हत्याकांड की वजह मान रही है.

कुछ और तो नहीं इस हत्याकांड का सच?

पुलिस जांच में हर पहलू को खंगाल रही है. लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. सवाल ये है कि अगर मनोज को आत्महत्या करनी थी, तो उसने पत्नी और 2 बोटियों की लाश को फ्रिज, अलमारी और बक्से में छुपाने की कोशिश क्यों की. क्या वो लाश को ठिकाने लगा कर सबूत मिटाने और बचने की फिराक में था. या फिर इस सनसनीखेज हत्याकांड का सच कुछ और भी हो सकता है.

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