एडवांस्ड सर्च

पंचायत में नहीं आने पर किया हुक्का-पानी बंद

मध्य प्रदेश के बैतूल शराबखोरी बंद करने के लिए आयोजित पंचायत में नहीं पहुंचने पर एक आदिवासी परिवार को बहिष्कृत कर उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही उन पर 5051 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

Advertisement
aajtak.in
IANS बैतूल, 14 October 2015
पंचायत में नहीं आने पर किया हुक्का-पानी बंद मध्य प्रदेश के बैतूल की है घटना

मध्य प्रदेश के बैतूल शराबखोरी बंद करने के लिए आयोजित पंचायत में नहीं पहुंचने पर एक आदिवासी परिवार को बहिष्कृत कर उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही उन पर 5051 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. परिवार की शिकायत पर प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लिया है. पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, चिचोली विकास खंड के हर्रावाड़ी निवासी रामदास (35) ने परिवार के सदस्यों और कुछ ग्रामीणों के साथ मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में जनसुनवाई अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई है. उसमें कहा गया है कि मंगलवार शराबखोरी बंद करने के लिए पंचायत भवन में बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें वह हिस्सा नहीं ले पाया.

पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्हें समाज और गांव से बहिकृष्त करते हुए 5051 रुपये दंड लगा दिया गया है. उससे कहा गया है कि यदि गांव में रहना है तो दंड देना होगा. गांव में कोई भी उनसे बात करना तो दूर देखना भी पसंद नहीं करता. पंचायत ने कहा है कि जो भी उनसे बात करेगा उनका भी गांव से बहिष्कृत करते हुए हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा.

डिप्टी कलेक्टर डीएल वाडिया ने बताया कि हर्रावाड़ी ग्राम में एक आदिवासी परिवार को बहिष्कृत करने और उनसे बात करने वालों पर दंड लगाने की शिकायत जनसुनवाई में आई है. उन्हें न तो हैंडपंप पर पानी भरने दिया जा रहा है और न ही बच्चों को स्कूल जाने दिया जा रहा है. यह मामला बहुत गंभीर है. पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay