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स्वर्णिम अवसर गंवा दिया: प्रवीण कुमार

प्रवीण कुमार को लगता है कि उन्होंने विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा बनने का ‘सुनहरा अवसर’ गंवा दिया लेकिन मध्यम गति के इस गेंदबाज को उम्मीद है कि टी 20 लीग के चौथे संस्‍करण में पंजाब की तरफ से अच्छे प्रदर्शन के दम पर वह राष्ट्रीय टीम में वापसी करने में सफल रहेगा.

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आजतक ब्‍यूरो/भाषानई दिल्ली, 06 April 2011
स्वर्णिम अवसर गंवा दिया: प्रवीण कुमार प्रवीण कुमार

प्रवीण कुमार को लगता है कि उन्होंने विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा बनने का ‘सुनहरा अवसर’ गंवा दिया लेकिन मध्यम गति के इस गेंदबाज को उम्मीद है कि टी 20 लीग के चौथे संस्‍करण में पंजाब की तरफ से अच्छे प्रदर्शन के दम पर वह राष्ट्रीय टीम में वापसी करने में सफल रहेगा.

प्रवीण ने कहा, ‘मैंने विश्वकप टीम का हिस्सा बनने का सुनहरा अवसर गंवा दिया. जब मैंने महेंद्र सिंह धोनी और साथियों को वानखेड़े स्टेडियम में जीत का जश्न मनाते हुए देखा तो सोचा कि यदि मैं चोटिल नहीं होता तो इस समय वहां होता.’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन आप चोट के बारे में भविष्यवाणी नहीं कर सकते. यह क्रिकेटर की जिंदगी का हिस्सा हैं. अब टी 20 लीग करीब है और मैं अपना शत प्रतिशत देने के लिये फिट और तैयार हूं. मैं अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दे रहा हूं जिससे मुझे राष्ट्रीय टीम में वापसी करने में मदद मिले.’

प्रवीण पिछले तीन सत्र से भारतीय एकदिवसीय टीम ओर ट्वेंटी-20 टीम के नियमित सदस्य थे. विश्वकप में उन्हें जहीर खान के साथ नयी गेंद संभालनी थी लेकिन टूर्नामेंट से ठीक पहले कोहनी की चोट के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा. उनके स्थान पर केरल के एस श्रीसंत को टीम में लिया गया था. प्रवीण ने धोनी को सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया.

उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि वह सर्वश्रेष्ठ कप्तान है. उन्होंने दुनिया के सामने साबित कर दिया है कि उनकी नेतृत्वक्षमता पर सवाल नहीं उठाये जा सकते.’ उन्होंने कहा, ‘मैं धोनी और पूरी टीम के लिये खुश हूं कि उन्होंने इतिहास रचा. उन्होंने 28 साल बाद विश्वकप जीता. धोनी और साथियों को इस ऐतिहासिक जीत पर मेरी हार्दिक बधाई.’

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