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भारतीय दर्शकों से डरी आस्ट्रेलियाई हाकी टीम

हौसले बुलंदी के सातवें आसमान पर, कूवत करिश्मा कर गुजरने की और इरादे विश्व चैम्पियन के मानमर्दन के. सोने पे सुहागा बना दर्शकों से मिल रहा अभूतपूर्व समर्थन.

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भाषानई दिल्ली, 13 October 2010
भारतीय दर्शकों से डरी आस्ट्रेलियाई हाकी टीम

हौसले बुलंदी के सातवें आसमान पर, कूवत करिश्मा कर गुजरने की और इरादे विश्व चैम्पियन के मानमर्दन के. सोने पे सुहागा बना दर्शकों से मिल रहा अभूतपूर्व समर्थन.

भारतीय हाकी के इस बदले बदले से रूप ने उस आस्ट्रेलियाई टीम को सोचने पर मजबूर कर दिया है जिसने कभी यहां 10-0 से जीत दर्ज करने की डींगे हांकी थी. गुरुवार को खिताबी मुकाबले में उसे चिंता भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से अधिक ध्यानचंद स्टेडियम पर मेजबान की हौसलाअफजाई के लिये भारी तादाद में जुट रहे दर्शकों को लेकर है.

कोच रिक चार्ल्सवर्थ ने कहा, ‘भारतीय खिलाड़ियों की काबिलियत पर मुझे कभी शक नहीं रहा लेकिन यहां निर्णायक दर्शकों का सहयोग भी साबित हो रहा है. अब उनका मुकाबला आस्ट्रेलिया से है जो राष्ट्रमंडल खेलों का सबसे बड़ा मैच होगा.’ वहीं सह कप्तान और आस्ट्रेलिया के लिये 250 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके जैमी ड्वायेर ने कहा, ‘ऐसा माहौल मैने कभी नहीं देखा.

भारत और पाकिस्तान के मैच के दौरान जो आलम था, वह किसी भी टीम के लिये प्रेरणास्रोत बन सकता है. हमें पता है कि फाइनल में भी इतने ही दर्शक जुटेंगे.’ पाकिस्तान के खिलाफ करो या मरो के आखिरी पूल मैच में भारत ने 7-4 से जीत दर्ज की. वहीं सेमीफाइनल में इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से हराया. दोनों मैचों में दर्शकों ने भारतीय टीम की जमकर हौसलाअफजाई की. पूरा मैदान ‘चक दे इंडिया’, ‘वंदेमातरम’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों से गूंजता रहा.

ड्वायेर ने कहा, ‘यह यादगार अनुभव है. भारतीयों को हाकी से बहुत प्यार है. भारतीय टीम इस समय शानदार फार्म में है ओर उसका आत्मविश्वास देखने लायक है. फाइनल हमारे लिये आसान नहीं होगा.’ पिछले 54 मैचों में 40 गोल करने वाले ड्वायेर हालांकि अभी तक सर्वश्रेष्ठ फार्म में नहीं दिखे लेकिन उन्हें फाइनल में पुरानी लय हासिल करने की उम्मीद है.

वहीं फरवरी मार्च में हुए विश्व कप से लेकर राष्ट्रमंडल खेलों तक ध्यानचंद स्टेडियम पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अनुभवी फारवर्ड ल्यूक डोरनर ने स्वीकार किया कि इस माहौल में भारत को हराना कठिन होगा. उन्होंने कहा, ‘एक तो गर्मी में मैच खेलना है और उस पर भारत का साथ देने के लिये यहां भारी तादाद में दर्शक जुटेंगे. हमारे लिये यह फाइनल कतई आसान नहीं होगा. हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा और दर्शकों के शोर पर ध्यान नहीं देते हुए पूरी एकाग्रता से खेलना होगा.’

कोच रिक चार्ल्सवर्थ ने कहा, ‘भारतीय टीम के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है. वह अच्छी हाकी खेल रही है और हम उसे उसके मैदान पर कतई हलके में नहीं ले सकते.’ टूर्नामेंट की एकमात्र अपराजेय टीम आस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को 6-2 से रौंदा हालांकि सह कप्तान जैमी ड्वायेर ने कहा कि फाइनल दिन में होने से भारत को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है.

उन्होंने कहा, ‘भारत ने सारे पूल मैच रात में खेले जबकि हमें दिन में अधिकांश मैच खेलने पड़े. फाइनल में पहुंचने पर भारत को इसका फायदा मिलेगा.’ ल्यूक डोरनर, ड्वायेर, ग्लेन टर्नर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ आस्ट्रेलियाई टीम में बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी हैं. विश्व कप और चैम्पियंस ट्राफी विजेता आस्ट्रेलिया के दबदबे को तोड़ना भारत के लिये सबसे बड़ी चुनौती है और यदि टीम यह करने में कामयाब रहती है तो दम तोड़ती भारतीय हाकी के लिये यह संजीवनी से कम नहीं होगा.

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