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भारत को चार स्वर्ण, डोपिंग का भी लगा डंक

भारतीय मुक्केबाजों सुरंजय सिंह, मनोज कुमार और परमजीत समोटा ने रिंग पर कमाल दिखाकर स्वर्ण पदक जीते जबकि अचंता शरत कमल और सुभाजीत साहा की युगल जोड़ी ने टेनिस में बुधवार को भारत को सोने का तमगा दिलाया.

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भाषानई दिल्ली, 14 October 2010
भारत को चार स्वर्ण, डोपिंग का भी लगा डंक

भारतीय मुक्केबाजों सुरंजय सिंह, मनोज कुमार और परमजीत समोटा ने रिंग पर कमाल दिखाकर स्वर्ण पदक जीते जबकि अचंता शरत कमल और सुभाजीत साहा की युगल जोड़ी ने टेनिस में बुधवार को भारत को सोने का तमगा दिलाया लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों में देश के इस शानदार अभियान पर पैदल चाल की एथलीट रानी यादव के डोपिंग में पकड़े जाने के कारण कलंक भी लग गया.

खेलों के समापन से एक दिन पहले महिलाओं की 20 किमी पैदल चाल की एथलीट रानी ने देश का शर्मसार किया. नौ अक्तूबर को हुई पैदल चाल में एक घंटा 42 मिनट और 54 सेकेंड के साथ छठे स्थान पर रहने वाली यादव को एनाबोलिक एजेंट 19-नोरेनड्रोस्टेरोन के सेवन का दोषी पाया गया है. उसे अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया है. इस बीच भारत ने बुधवार को चार स्वर्ण पदक बटोरे लेकिन वह पदक तालिका में इंग्लैंड से नीचे तीसरे नंबर पर खिसक गया.

इंग्लैंड के 37 और भारत के 36 स्वर्ण पदक हैं. यादव के डोपिंग में पकड़े जाने के बाद शरत कमल और साहा की फाइनल में सिंगापुर के गाओ निंग और यांग झी पर 4-3 की जीत ने मरहम का काम किया. शरत कमल ने इससे एकल सेमीफाइनल में झी के हाथों 3-4 से मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया. वह गुरुवार को एकल कांस्य पदक के मैच में सौम्यदीप राय से भिड़ेंगे जिन्हें अन्य सेमीफाइनल में निंग ने 4-0 से हराया था.

महिला युगल में भारत की पोलोमी घटक और मौमा दास सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पायी. मुक्केबाजी में फाइनल में पहुंचे तीनों भारतीय मुक्केबाज सोने का तमगा जीतने में सफल रहे. सुरजंय सिंह को कीनियाई प्रतिद्वंद्वी बेनसन नियानगिरू के चोटिल होने के कारण 52 किग्रा में मुकाबले लड़े बिना ही सोने का तमगा हासिल किया.

मनोज कुमार ने इसके बाद 64 किग्रा भार वर्ग में इंग्लैंड के ब्राडले सांडर्स को 11-2 से आसानी से हराया जबकि परमजीत ने 91 किग्रा से अधिक भार वर्ग में त्रिनिदाद एवं टोबैगो के अब्दुल हक तारिक को 5-1 से मात देकर मुक्केबाजी में देश को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया. भारत के चार मुक्केबाज सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाये जिसे देखते हुए फाइनल का प्रदर्शन सराहनीय रहा.

इससे पहले सुबह भारतीय निशानेबाज स्वर्ण पदक जीतने में असफल रहे. भारत के लिये हिना सिद्धू ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत वर्ग में रजत पदक जबकि समरेश जंग ने पुरुषों की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल के व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक जीता. हिना मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गयी क्योंकि उनको 481.6 का स्कोर मलेशिया की पेई चिन बिबियाना से केवल 0.3 अंक कम था.

नारंग फिर से अपने चार स्वर्ण पदक में कोई अन्य पदक जोड़ने में असफल रहे. वह पुरुषों के 50 मीटर राइफल प्रोन में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाये. नारंग ने कहा, ‘हम अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे लेकिन मुझे प्रोन पोजीशन में थोड़ा संघर्ष करना पड़ा.’ भारत ने इस तरह से बुधवार को समाप्त हुई निशानेबाजी में 14 स्वर्ण, 11 रजत और पांच कांस्य पदक सहित कुल 30 पदक जीते जो मेलबर्न से तीन पदक अधिक है.

भारत ने मेलबर्न में हालांकि 16 स्वर्ण पदक हासिल किये थे. बैडमिंटन में कांस्य पदक के लिये ऑल इंडियन मैच में पी कश्यप अपने सीनियर चेतन आनंद को हराने में सफल रहे. भारत पदक तालिका में अब तीसरे स्थान पर खिसक गया है. उसके 36 स्वर्ण, 26 रजत और 33 कांस्य पदक हैं. आस्ट्रेलिया 72 स्वर्ण, 49 रजत और 47 कांस्य पदक जीतकर पहले जबकि इंग्लैंड 37 स्वर्ण, 56 रजत और 45 कांस्य पदक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है.

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