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जय, दिलबाग सेमीफाइनल में, अखिल बाहर

एशियाई रजत पदकधारी जय भगवान (60 किग्रा) और नौ बार के राष्ट्रीय चैम्पियन दिलबाग सिंह ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में दो मुक्केबाजी पदक पक्के किये लेकिन गत चैम्पियन अखिल कुमार (56 किग्रा) को क्वार्टरफाइनल में ओलंपिक कांस्य पदक जीतने वाले ब्रुनो जूली से शिकस्त का सामना करना पड़ा.

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10 October 2010
जय, दिलबाग सेमीफाइनल में, अखिल बाहर

एशियाई रजत पदकधारी जय भगवान (60 किग्रा) और नौ बार के राष्ट्रीय चैम्पियन दिलबाग सिंह ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में दो मुक्केबाजी पदक पक्के किये लेकिन गत चैम्पियन अखिल कुमार (56 किग्रा) को क्वार्टरफाइनल में ओलंपिक कांस्य पदक जीतने वाले ब्रुनो जूली से शिकस्त का सामना करना पड़ा.

राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप के स्वर्ण पदकधारी जय भगवान ने नाईजीरिया के वाहीद सोगबामू को 10-0 से जबकि दिलबाग (69 किग्रा) ने बोत्सवाना के मोआबी मोथिबा को 11-3 से परास्त किया.

दोनों ने अमनदीप सिंह (49 किग्रा) और सुरंजय सिंह (52 किग्रा) के साथ अपना पहला राष्ट्रमंडल पदक पक्का किया जिन्होंने कल अपनी क्वार्टरफाइनल बाउट में जीत दर्ज की थी.

जय भगवान ने कहा, ‘मेरे लिये यहां पदक जीतना जिंदगी बदलने वाला होगा, विशेषकर स्वर्ण पदक. मुझे नाम भी मिलेगा और वित्तीय मदद भी मिलेगी.’ उन्होंने कहा, ‘मैं यह पदक विजेंदर को समर्पित करूंगा क्योंकि उन्होंने ही मुझे मुक्केबाजी में बरकरार रहने के लिये प्रेरित किया था.’

बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदकधारी विजेंदर सिंह ने 2008 में जय भगवान को मुक्केबाजी में वापसी के लिये प्रेरित किया था क्योंकि वह तब मुक्केबाजी छोड़ने का फैसला कर चुके थे.

जय भगवान ने कहा, ‘जब मुझे पता चला कि अखिल भाई हार गये हैं तो मैं थोड़ा निराश हो गया था क्योंकि मुझे लगता है कि वह अच्छा खेले और मुझे नहीं लगता कि उनके अंदर कुछ कमी थी.’ दिलबाग ने अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा बनाया हुआ था और यह उनके कैरियर का बड़े टूर्नामेंट का पदक राउंड है.

उन्होंने कहा, ‘पदक का रंग कुछ भी हो यह मेरे कैरियर का सबसे बड़ा पदक होगा. तालकटोरा में इतनी भीड़ ने मेरे उपर दबाव बना दिया था, लेकिन रिंग में जाने के बाद मैं लय में आ गया. मोथिबा काफी कठिन प्रतिद्वंद्वी था लेकिन मेरे कोचों ने बताया था कि गार्ड उपर रखना और मैंने ऐसा ही किया. मैंने ज्यादातर अंक दायें हुक से हासिल किये.’

वहीं 29 वर्षीय अखिल को जूली से 5-7 से हार का मुंह देखना पड़ा, दिलचस्प बात यह है कि इस भारतीय मुक्केबाज ने 2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल्स में उन्हें हराकर सोने का तमगा अपने नाम किया था.

अखिल रिंग में उतरने वाले पहले भारतीय थे और बीती रात उन्होंने प्री क्वार्टरफाइनल में इंग्लैंड के यूरोपीय रजत पदकधारी इयान वीवर को परास्त किया था.

दोनों मुक्केबाज शुरूआती राउंड के बाद 1-1 से बराबर थे लेकिन दूसरे राउंड में अखिल की पकड़ ढीली होनी शुरू हो गयी जिससे जूली ने एक अंक की महत्वपूर्ण बढ़त बनाकर 3-2 से आगे हो गये.

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