एडवांस्ड सर्च

Advertisement

भारतीय तैराकों के पास छाप छोड़ने का मौका

भारत तैराकी में पहला पदक जीतने के लक्ष्य के साथ कल जब यहां डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर में उतरेगा तो उसकी उम्मीदों का बोझ बीजिंग ओलंपिक में शिरकत कर चुकी वीरधवल खाड़े, संदीप सेजवाल और रेहान पोंचा की जोड़ी पर होगा.
भारतीय तैराकों के पास छाप छोड़ने का मौका
भाषानई दिल्‍ली, 03 October 2010

भारत तैराकी में पहला पदक जीतने के लक्ष्य के साथ कल जब यहां डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर में उतरेगा तो उसकी उम्मीदों का बोझ बीजिंग ओलंपिक में शिरकत कर चुकी वीरधवल खाड़े, संदीप सेजवाल और रेहान पोंचा की जोड़ी पर होगा.

मेलबर्न में 2006 में अपनी सरजमीं पर 54 में से 24 स्पर्धा जीतने वाला आस्ट्रेलिया एक बार फिर दांव पर लगे 150 पदकों की दौड़ में प्रबल दावेदार है.

पहले दिन आठ स्वर्ण पदकों का फैसला होगा जिसमें से पांच तैराकी में दांव पर लगे हैं. कल शाम होने वाले 200 मीटर फ्रीस्टाइल में इंग्लैंड की दोहरी ओलंपिक चैम्पियन रेबेका एडलिंगटन की चुनौती काफी मजबूत है.

कल पुरुष 400 मीटर फीस्टाइल, महिला 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले, पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई और महिला चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल के फाइनल भी होंगे.

डोपिंग के आरोपों में टीम से बाहर हुए रिचा मिश्रा और ज्योत्सना पंसारे की राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की स्वीकृति से वापसी से भारतीय टीम मजबूत हुई है.

चयन पैनल ने बाद में 17 और तैराकों को पैनल में शामिल किया जिससे भारतीय टीम में 43 तैराक हो गये हैं.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay