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SBI की राह पर ये सरकारी बैंक, एक फैसले का असर 12 करोड़ ग्राहकों पर

aajtak.in
13 August 2019
SBI की राह पर ये सरकारी बैंक, एक फैसले का असर 12 करोड़ ग्राहकों पर
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बीते 8 महीनों में चार बार रेपो रेट में कटौती की है. हालांकि आरबीआई की इस कटौती का बैंकों ने उम्‍मीद के मुताबिक ग्राहकों तक फायदा नहीं पहुंचाया है.
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यही वजह है कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकों से रेपो रेट में कटौती का लाभ ग्राहकों को देने को कहा था. इस बीच, बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत ग्राहक रेपो रेट कटौती का तुरंत फायदा उठा सकेंगे. आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या है फैसला..
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दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक की राह पर चलते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने भी रेपो रेट आधारित होम लोन पेश किया है. बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक रेपो आधारित होम लोन के साथ ग्राहकों के पास एमसीएलआर आधारित रेट और रेपो आधारित लोन के बीच चयन करने का विकल्प होगा.
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इसका मतलब ये हुआ कि रिजर्व बैंक जब-जब रेपो रेट में बदलाव करेगा उसी आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा की होम लोन की ब्‍याज दर भी तय होगी. अब तक बैंक ऑफ बड़ौदा आरबीआई के रेपो रेट के बदलाव के बाद भी अपने हिसाब से होम लोन पर ब्‍याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी करता है.
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इस फैसले का फायदा बैंक के 12 करोड़ से अधिक ग्राहक उठा सकते हैं. बता दें कि 1 अप्रैल 2019 को बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का विलय हो गया था. इसके बाद बैंक के ग्राहकों की संख्‍या भी बढ़ गई थी.
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उदाहरण के लिए आरबीआई ने बीते 8 महीने में लगातार चार बार रेपो रेट में कटौती की है. दिसंबर से जून के बीच रेपो रेट में कुल 1.05 फीसदी की कटौती हो चुकी है. आगे ऐसी परिस्थितियों में बैंक ऑफ बड़ौदा का होम लोन भी लगातार सस्ता होगा.
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हालांकि, यह विकल्‍प चयन करने का पूरा अधिकार ग्राहकों के पास होगा. इससे पहले एसबीआई ने भी जुलाई में होम लोन को रेपो रेट से जोड़ दिया था.
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यहां बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को आरबीआई कर्ज देता है. बैंक इसी आधार पर ग्राहकों को कर्ज देते हैं. रेपो रेट कम होने से बैंकों को राहत मिलती है क्‍योंकि उन्‍हें जो कर्ज ग्राहकों को देना होता है उसे वह सस्ता कर सकते हैं. 
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