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रसातल में जा रहा PAK का सरकारी बैंक, इस भारतीय ने की थी शुरुआत

दीपक कुमार
12 August 2019
रसातल में जा रहा PAK का सरकारी बैंक, इस भारतीय ने की थी शुरुआत
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जब से भारत सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 में बदलाव किया है, पाकिस्‍तान की बेचैनी बढ़ गई है. भारत के इस फैसले की बौखलाहट से पाकिस्‍तान ने भारत से कारोबारी रिश्‍ते तोड़ लिए हैं. इसके साथ ही दोनों देशों को जोड़ने वाली समझौता एक्‍सप्रेस ट्रेन को भी रोक दिया है.
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दरअसल, पाकिस्‍तान वो हर कोशिशें कर रहा है जिससे भारत को परेशान किया जा सके. लेकिन इसके उलट आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्‍तान को झटके लगने लगे हैं. कमरतोड़ महंगाई से पाकिस्‍तान की जनता परेशान है तो वहीं देश के शेयर बाजार और रुपया भी ऐतिहासिक गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं. इस माहौल में पाकिस्‍तान के चर्चित कमर्शियल बैंक ''हबीब बैंक लिमिटेड'' की हालत भी खराब हो गई है.
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दरअसल, बीते 2 महीने में हबीब बैंक लिमिटेड के शेयर 15 फीसदी तक टूट गए हैं. करीब दो महीने पहले 3 जून को हबीब बैंक लिमिटेड का शेयर भाव 127.42 रुपये पर था जो 9 अगस्‍त को 106.50 रुपये के भाव पर आ गया. इस लिहाज से बैंक का शेयर भाव करीब 21 रुपये कम हुआ है.
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बैंक के मार्केट वैल्‍यू की बात करें तो वर्तमान में 15 हजार 600 करोड़ पाकिस्‍तानी रुपये है. अगर दो महीने पहले से इसकी तुलना करें तो करीब 1400 करोड़ पाकिस्‍तानी रुपये का नुकसान हुआ है.
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अहम बात यह है कि ''हबीब बैंक लिमिटेड'' पाकिस्‍तान की आर्थिक और बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है. यह बैंक हबीब ग्रुप की सब्‍सिडरी है.
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अगर हबीब ग्रुप के इतिहास की बात करें तो इसके फाउंडर हबीब इस्‍माइल हैं. बैंक की वेबसाइट के मुताबिक हबीब इस्‍माइल ने साल 1891 में मुंबई से अपने करियर की शुरुआत की. इस्‍माइल ने मुंबई के बर्तन बनाने वाली एक छोटी सी कंपनी में नौकरी शुरू की. 
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इस्‍माइल को तब  5 रुपये की मासिक सैलरी मिलती थी. अहम बात यह है कि तब उनकी सिर्फ 13 साल की उम्र थी. सिर्फ 5 साल बाद उस कंपनी में इस्‍माइल की हिस्‍सेदारी हो गई. उन्‍होंने कॉपर, आयरल आदि का एक्‍सपोर्ट करना शुरू कर दिया. अगले 17 साल में इस्‍माइल ने अपने कारोबार का यूरोपिय देशों में विस्‍तार किया.
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साल 1941 में हबीब इस्‍माइल के बेटे ने मुंबई में हबीब बैंक लिमिटेड की स्‍थापना की. बंटवारे के वक्‍त तक भारत में बैंक की 30 ब्रांच एक्‍टिव थीं. इस बैंक में मोहम्‍मद अली जिन्‍ना ने भी खाता खुलवाया था.यही वजह है कि जब बंटवारा हुआ तो जिन्‍ना के हस्‍तेक्षप की वजह से यह बैंक पाकिस्‍तान शिफ्ट हो गया.
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कुछ सालों बाद इस बैंक में पाकिस्‍तान सरकार की हिस्‍सेदारी बढ़ने लगी और आज 51 फीसदी शेयर है. बीते 25 साल में बैंक की संपत्ति 750 बिलियन से अधिक हो गई है. इसके अलावा 730 से ज्‍यादा ब्रांच हैं. इस बैंक का विस्‍तार चीन, मलयेशिया, दुबई, अफगानिस्‍तान और केन्या जैसे देशों में है.
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हबीब बैंक लिमिटेड की बदहाली का असर पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ सकती है. स्‍थानीय मीडिया के मुताबिक सरकार के आर्थिक सहारे के सबसे बड़े बैंकों में शामिल है.
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