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अब सरकारी नहीं रहा देश का यह बैंक, लाखों ग्राहकों पर पड़ेगा असर!

aajtak.in [Edited by: दीपक कुमार]
15 March 2019
अब सरकारी नहीं रहा देश का यह बैंक, लाखों ग्राहकों पर पड़ेगा असर!
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अगर आप IDBI बैंक के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है. दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पब्‍लिक सेक्‍टर के IDBI बैंक को प्राइवेट सेक्‍टर के बैंक की कैटेगरी में रख दिया है. आसान भाषा में समझें तो  IDBI अब प्राइवेट बैंक की तरह काम करेगा. आइए जानते हैं कि आखिर क्‍यों यह फैसला लिया गया है और इसका ग्राहकों पर क्‍या असर हो सकता है.
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दरअसल, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की कर्ज में डूबे IDBI बैंक में 51 फीसदी की हिस्सेदारी हो गई है. एलआईसी की यह हिस्‍सेदारी IDBI बैंक को कर्ज से उबारने के लिए है.
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यही वजह है कि RBI ने IDBI को प्राइवेट बैंक की कैटेगरी में डाल दिया है. आरबीआई ने कहा कि एलआईसी के आईडीबीआई बैंक में चुकता शेयर पूंजी का 51 प्रतिशत अधिग्रहण के बाद बैंक को निजी श्रेणी में डाला गया है. बता दें कि पब्‍लिक सेक्‍टर के बैंकों में सरकार की न्‍यूनतम 51 फीसदी की हिस्‍सेदारी होती है .IDBI की वेबसाइट के मुताबिक 1892 ब्रांच हैं जबकि 1407 सेंटर हैं.वहीं बैंक के ATM, 3705 हैं. बैंक से लाखों ग्राहक जुड़े हैं.
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पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर जीएस ​बिंद्रा के मुताबिक आरबीआई के इस फैसले का ग्राहकों पर कुछ खास असर नहीं पड़ने वाला है. हालांकि प्राइवेट होने के बाद IDBI बैंक के बोर्ड को कुछ अतिरिक्‍त अधिकार जरूर मिल जाएंगे.
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वहीं एसबीआई के पूर्व सीजीएम सुनील पंत ने बताया कि इस फैसले के बाद बैंक का बोर्ड स्‍वतंत्र और प्रोफेशनल बन सकता है और नियमों के अधीन ग्राहकों को फायदा पहुंचाने वाले फैसले ले सकता है. उन्‍होंने कहा कि एलआईसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की जरूर है लेकिन वह पूर्णत: सरकारी नहीं मानी जाती है. ऐसे में सरकार का डायरेक्‍ट दखल भी नहीं रह जाएगा. 
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IDBI बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा के अंतर्गत रखा गया है. यह कंपनियों को दिये जाने वाले लोन और शाखा विस्तार, वेतन वृद्धि के अलावा अन्य नियमित गतिविधियों पर रोक लगाता है. 

IDBI बैंक ने हाल ही में ग्राहकों की सुविधा को ध्‍यान में रखकर एक फैसला लिया है. इसके तहत ग्राहकों को बैंक आने वाले दिनों में एक ही मंच के जरिए बैंकिंग और बीमा सेवाएं मुहैया करा सकता है. इस वजह से बेहतर ऑपरेशंस और बेहतर फाइनेंसिंग का रास्ता खुलेगा.
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चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में IDBI बैंक ने 4,185 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया है. इस दौरान बैंक की कुल आय घटकर 6,190.94 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में बैंक की आय 7,125.20 करोड़ रुपये थी.
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