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भारत को रिझाने के लिए चीन की नई चाल, क्‍या मिलेगी कामयाबी?

aajtak.in [Edited by: दीपक कुमार]
16 April 2019
भारत को रिझाने के लिए चीन की नई चाल, क्‍या मिलेगी कामयाबी?
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छोटे देशों को कर्ज देकर अपनी बात मनवाने में माहिर हो चुका चीन ने नई चाल चली है. दरअसल, चीन ने ''एक क्षेत्र, एक सड़क पहल (बीआरआई)'' प्रोजेक्‍ट की मंजूरी के लिए होने वाली बैठक से पहले भारत को रिझाने की कोशिश की है. चीन यह कोशिश ऐसे समय में कर रहा है जब भारत की ओर से इस प्रोजेक्‍ट का विरोध करने की उम्‍मीद है. आइए जानते हैं इस पूरे मामले को.  

भारत को रिझाने के लिए चीन की नई चाल, क्‍या मिलेगी कामयाबी?
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क्‍या कहा चीन ने  
चीन का कहना है कि भारत,  एक क्षेत्र एक सड़क पहल (बीआरआई) को गलत समझ रहा है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू कांग ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि ' एक क्षेत्र एक सड़क ' पहल आर्थिक सहयोग परियोजना है और इसमें क्षेत्रीय विवाद शामिल नहीं है.  उन्होंने कहा , " बीआरआई में शामिल नहीं होने की भारत की टिप्पणी के विभिन्न कारण हैं.मैं कहना चाहता हूं कि बीआरआई एक खुली और समावेशी आर्थिक सहयोग पहल है. इसमें क्षेत्रीय और समुद्री विवाद की जगह नहीं है."
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क्‍या कहना है भारत का
दरअसल, बीते दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि भारत एक बार फिर से चीन की ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई)  को लेकर होने वाली बैठक का बहिष्कार कर सकता है.
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इसको लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा- मुझे लगता है कि बीआरआई पर कुछ पक्षों को गलतफहमी हो सकती है. इस गलतफहमी की वजह से कुछ गलत निर्णय हो सकते हैं. चीन साझा लाभ के लिए सहयोग और परामर्श के सिद्धांत पर चलता है और यह सिद्धांत नहीं बदलेगा.
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क्‍या है बीआरआई प्रोजेक्‍ट
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2013 में सत्ता में आने के बाद अरबों डॉलर की इस परियोजना की शुरुआत की थी. यह परियोजना दक्षिणपूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र , अफ्रीका और यूरोप को सड़क एवं समुद्र मार्ग से जोड़ेगी.
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बेल्ट एवं रोड फोरम (बीआरएफ)  की पहली बैठक 2017 में हुई थी, तब भारत ने इसका विरोध किया था.  वहीं दूसरी बैठक 25 से 27 अप्रैल तक होने की संभावना है. चीन ने कहा कि 100 देशों के प्रतिनिधियों समेत दिग्गज नेताओं ने बैठक में शामिल होने की सहमति जताई है. 
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भारत क्‍यों कर रहा विरोध
दरअसल,  राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) के विस्‍तार के लिए चीन दुनिया के देशों को एकजुट कर रहा है लेकिन भारत सरकार इस प्रोजेक्‍ट का विरोध कर रही है. चीन की बीआरआई का भारत इसलिए विरोध कर रहा है, क्योंकि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से गुजरता है.
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भारत इसको अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताता है. दरअसल,  PoK भारत का हिस्सा है. इस क्षेत्र पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है. ऐसे में भारत की इजाजत के बिना चीन पीओके से आर्थिक गलियारा नहीं बना सकता है. अगर चीन पीओके से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा गुजारना, तो यह भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है.
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