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अडानी ग्रुप को मिली बड़ी सफलता, विवादित योजना को हरी झंडी

aajtak.in [Edited by: दीपक कुमार]
09 April 2019
अडानी ग्रुप को मिली बड़ी सफलता, विवादित योजना को हरी झंडी
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भारत की एनर्जी सेक्‍टर की दिग्गज कंपनी अडानी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. दरअसल, अडानी ग्रुप को ऑस्‍ट्रेलिया में विवादित भूजल प्रबंधन परियोजना को मंजूरी मिल गई है. अडानी ग्रुप के लिए यह सफलता कोयला खान प्रोजेक्‍ट में काफी अहम मानी जा रही है. अडानी ग्रुप को ऐसे समय में यह सफलता मिली है जब इस प्रोजेक्‍ट को लेकर ऑस्‍ट्रेलिया में जबरदस्‍त विरोध हो रहा है. आइए जानते हैं पूरे मामले के बारे में
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क्‍या है विवाद
दरअसल, अडानी ग्रुप ने 2010 में क्वींसलैंड में गैलिली बेसिन में कारमाइकल कोयला खान और उत्तर में एबॉट प्वाइंट बंदरगाह को खरीद कर ऑस्ट्रेलिया में कदम रखा था.
लेकिन अडानी की कारमाइकल प्रोजेक्‍ट लंबे समय से विवादों में है. इस प्रोजेक्‍ट को लेकर ऑस्‍ट्रेलिया के पर्यावरणविद लगातार विरोध कर रहे हैं. 
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इनका तर्क है कि प्रोजेक्‍ट की वजह से जलवायु परिवर्तन पर असर पड़ेगा. इसके अलावा उन्होंने तर्क दिया है कि यह खदान ' ग्रेट बैरियर रीफ वर्ल्ड हेरिटेज ' इलाके को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.  यहां भारी संख्या में समुद्री जीवों रहते हैं. इस प्रोजेक्‍ट के सहारे उसे 2.3 अरब टन कोयला उत्पादन होने की उम्मीद है. 
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वहीं ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने इस प्रोजेक्‍ट का समर्थन कर रही है. इसी कड़ी में भूजल प्रबंधन परियोजना को मंजूरी दी गई है. ऑस्‍ट्रेलिया की पर्यावरण मंत्री मेलिसा प्राइस के मुताबिक राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (सीएसआईआरओ) और ऑस्ट्रेलिया के भू - विज्ञान विभाग ने पाया कि यह योजना वैज्ञानिक आवश्यकताओं को पूरा करती है.
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यही वजह है कि योजना को मंजूरी दी गई है.  मेलिसा प्राइस ने कहा , " स्वतंत्र आकलन और पर्यावरण एवं ऊर्जा विभाग की सिफारिश के बाद मैंने वैज्ञानिक परामर्श को स्वीकार कर लिया है."
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निर्माण का काम शुरू करने से पहले अब प्रोजेक्‍ट के लिए ऑस्‍ट्रेलिया के क्वींसलैंड सरकार से मंजूरी लेनी होगी. पर्यावरण मंत्री ने कहा कि अभी तक राष्ट्रमंडल और क्वींसलैंड सरकारों ने 25 में से केवल 16 पर्यावरणीय योजनाओं को अंतिम रूप या मूंजरी दी है. नौ को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है.
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