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सीताराम येचुरी बोले- चुनावी जुमला है बजट, किसानों के संकट से वाकिफ नहीं सरकार

सीताराम येचुरी ने कहा, ‘भारत के इतिहास में रक्षा क्षेत्र के लिये यह अब तक का सबसे कम बजट आवंटन है. मंहगाई दर और विदेशी विनिमय दर के लिहाज से सशस्त्र बलों को मौजूदा पायदान पर ही बरकरार रखना मुमकिन नहीं है.’

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 01 February 2019
सीताराम येचुरी बोले- चुनावी जुमला है बजट, किसानों के संकट से वाकिफ नहीं सरकार सीताराम येचुरी (फोटो- PTI)

अंतरिम बजट पेश होने के बाद अलग-अलग दलों के राजनेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस कड़ी में सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि अंतरिम बजट में किसानों को हर महीने 500 रुपये देने की घोषणा से पता चलता है कि सरकार की ओर से पैदा किये गये गांव और किसानों के संकट से खुद सरकार ही वाकिफ नहीं है.

येचुरी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘अगर किसी किसान परिवार में पांच सदस्य हैं तो इस घोषाणा के तहत हर सदस्य को तीन रुपये प्रतिदिन मिलेगा. यह इस बात का सबूत है कि मोदी सरकार ग्रामीण संकट से कितनी दूर है.’येचुरी ने किसान और गांव की दिक्कतों के लिये मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुये कहा कि सरकार की गलत नीतियों ने अन्नदाता को बर्बाद कर दिया है.

पूर्व राज्यसभा सांसद येचुरी ने कहा कि इतना ही नहीं सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और उनकी बकाया राशि का भुगतान भी करने से इंकार कर दिया है. येचुरी ने रक्षा क्षेत्र के बजट में कटौती पर भी सरकार की आलोचना की. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘भारत के इतिहास में रक्षा क्षेत्र के लिये यह अब तक का सबसे कम बजट आवंटन है. मंहगाई दर और विदेशी विनिमय दर के लिहाज से सशस्त्र बलों को मौजूदा पायदान पर ही बरकरार रखना मुमकिन नहीं है.’

बजट में मोदी सरकार की ओर से किए गए वादे पूरे होने की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुये येचुरी ने कहा,‘मोदी सरकार 2014 में दस करोड़ रोजगार देने, 100 स्मार्ट शहर बनाने, किसानों की आय दोगुना करने और हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने के वादे के साथ सत्ता में आई थी. यह बजट आम चुनाव से पहले लोगों को बेवकूफ बनाने का एक और प्रयास है, लेकिन यह कोशिश कामयाब नहीं होगी.’

राहुल गांधी की कड़ी प्रतिक्रिया

अंतरिम बजट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने बजट में किसानों का अपमान किया है. उन्होंने किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद के ऐलान पर कहा कि 5 साल की अक्षमता और अहंकार से किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. अब उनको प्रतिदिन 17 रुपये देना उस हर चीज का जिसके लिए किसान खड़े हैं और काम कर रहे हैं.'

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