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जेटली के बजट को मूडीज ने बताया संतुलित, कहा- आने वाले दिनों में दिखेगा फायदा

बजट में मध्‍यम वर्ग के लिए कोई बड़ी घोषणा न करने को लेकर लगातार आलोचाना झेल रहे वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को रेटिंग एजेंसी मूडीज का साथ मिल गया है.

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aajtak.in [Edited by: विकास जोशी]नई दिल्‍ली, 05 February 2018
जेटली के बजट को मूडीज ने बताया संतुलित, कहा- आने वाले दिनों में दिखेगा फायदा वित्‍त मंत्री अरुण जेटली

बजट में मध्‍यम वर्ग के लिए कोई बड़ी घोषणा न करने को लेकर लगातार आलोचाना झेल रहे वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को रेटिंग एजेंसी मूडीज का साथ मिल गया है.

मूडीज ने जेटली के बजट की तारीफ की है और उसने कहा है कि इसके अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बेहतर परिणाम लंबी अवधि में नजर आएंगे. अंतरराष्‍ट्रीय रेटिंग एजेंसी ने इस बजट को वित्‍तीय समेकन की तरफ बढ़ने के लिए मुफीद बताया है.

मूडीज के मुताबिक बजट में वित्‍तीय विवेक और ग्रोथ के बीच संतुलन बनाया गया है. बजट में जीडीपी के वित्‍तीय घाटे का लक्ष्‍य 2018-19 के लिए 3 फीसदी से बढ़ाकर 3.3 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही बजट में 2017-18 में जीडीपी का अनुमान 3.2 के असल लक्ष्‍य को बदलकर 3.5 कर दिया है.

मूडीज के उपाध्‍यक्ष (सीनियर क्रेडिट ऑफिसर) विलियम फॉस्‍टर ने कहा कि संशोधित वित्‍तीय समेकन पिछले रोडमैप के मुकाबले बेहतर नहीं है. हालांकि यह भारत की वित्‍तीय मजबूती पर ज्‍यादा असर नहीं डालेगा.

फॉस्‍टर ने कहा कि केंद्रीय सरकार की तरफ से मध्‍य अवधि में डेट टू जीडीपी रेशियों को 40 फीसदी रखना सॉवरीन क्रेडिट प्रोफाइल के लिए सहयोगी साबित होगा.

मूडीज के वाइस प्रेसिडेंट (सीनियर एनालिस्‍ट) जॉय रंकोथगे ने बजट को सराहा है. उन्‍होंने कहा कि यह बजट न सिर्फ कारापोरेट्स के लिए बेहतर है, बल्‍क‍ि यह देश के बुनियादी सुधार और इंश्‍योरेंस सेक्‍टर के लिए भी काफी बेहतर साबित होगा.

उन्‍होंने कहा कि बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जो फंड पहुंचाया जा रहा है, वह रिकैपिटलाइजेशन के रोडमैप की दिशा में ही उठाया गया एक कदम है.

एजेंसी ने उम्‍मीद जताई है कि सरकार अगले साल के वित्‍तीय घाटे के लक्ष्‍य को हासिल कर लेगी. रेटिंग एजेंसी ने यह उम्‍मीद बजटीय अनुमान और इसमें दिखी वित्‍तीय विवेक को हासिल करने की प्रतिबद्धता के आधार पर लगाई है.

हालांकि इसके साथ ही राजस्‍व को लेकर कुछ महत्‍वकांक्षी अनुमान लगाए गए हैं. इसके साथ ही खर्च को लेकर भी जो अनुमान लगाया गया है, इन दोनों की वजह से वित्‍तीय समेकन में कमी आ सकती है.   

फोस्‍टर ने कहा कि खर्च और मजबूत राजस्‍व को लेकर जो अनुमान बजट में लगाए गए हैं. वह व्‍यापक तौर पर हासिल हो जाएंगे. हालांकि किसानों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य और जीएसटी से महत्‍वाकांक्षी राजस्‍व मिलने की उम्‍मीद से थोड़ी गिरावट जरूर आ सकती है.

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