एडवांस्ड सर्च

लौह अयस्क पर शुल्क शून्य किया जाना चाहिए: टाटा स्टील

टाटा स्टील ने कच्चे माल की कमी तथा नियामकीय बाधाओं से जूझ रहे घरेलू उद्योग को राहत देने के इरादे से लौह अयस्क पर आयात शुल्क घटाकर शून्य किये जाने की बुधवार को मांग की.

Advertisement
aajtak.in
आजतक ब्‍यूरो/भाषानई दिल्ली, 31 January 2013
लौह अयस्क पर शुल्क शून्य किया जाना चाहिए: टाटा स्टील

टाटा स्टील ने कच्चे माल की कमी तथा नियामकीय बाधाओं से जूझ रहे घरेलू उद्योग को राहत देने के इरादे से लौह अयस्क पर आयात शुल्क घटाकर शून्य किये जाने की बुधवार को मांग की.

टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक एच एम नेरूरकर ने कहा, ‘घरेलू इस्पात उद्योग लौह अयस्क की कमी और परियोजना मंजूरी में निरंतर देरी के कारण समस्याओं का सामना कर रहा है. आम बजट में इन मोर्चों पर सक्रियता से कदम उठाये जाने से उद्योग को फायदा होगा.’

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में इस्पात आयात में 40 प्रतिशत तेजी देखी गयी है और घरेलू उद्योग के हितों की रक्षा के लिये बजट में पिछले साल उत्पाद शुल्क में की गयी वृद्धि पर दोबारा गौर करने तथा देश में सस्ते उत्पादों से पाटे जाने (डंपिंग) को रोकने के लिये कदम उठाने की जरूरत है.

नेरूरकर ने कहा, ‘स्टील बनाने में लगने वाले कच्चे पर आयात शुल्क कम करने की सरकारी नीति के अनुरूप स्टील ग्रेड के चूनापत्थर, डेलोमाइट (जो फिलहाल 5 प्रतिशत है) तथा लौह अयस्क (जो 2.5 प्रतिशत है) पर लगने वाले शुल्क को घटाकर शून्य किया जाना चाहिए.’

उन्होंने यह भी कहा कि बजट में पूंजीगत सामान से जुड़े उद्योग को प्रोत्साहन रेने के लिये विशेष उपाय किये जाने पर विचार किया जाना चाहिए. वित्त मंत्री पी चिदंबरम 28 फरवरी को 2012-14 का बजट पेश करने वाले हैं.

घरेलू उद्योग इस समय कच्चे माल की कमी समेत अन्य समस्याओं से जूझ रहा है. पर्यावरण मुद्दों तथा अवैध खनन के कारण प्रमुख उत्पादक राज्यों में लौह अयस्क खनन पर प्रतिबंध के बाद कच्चे माल की समस्या बढ़ी है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay