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मीडिया, मनोरंजन उद्योग ने वित्त मंत्री से की रियायतों की मांग

मीडिया और मनोरंजन उद्योग ने सरकार से बजट में कई तरह की रियायतों की मांग की है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी की अध्यक्षता में मीडिया और मनोरंजन उद्योग के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा.

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भाषानई दिल्ली, 04 February 2011
मीडिया, मनोरंजन उद्योग ने वित्त मंत्री से की रियायतों की मांग

मीडिया और मनोरंजन उद्योग ने सरकार से बजट में कई तरह की रियायतों की मांग की है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी की अध्यक्षता में मीडिया और मनोरंजन उद्योग के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा.

उद्योग चाहता है कि कॉपीराइट पर वैट और सेवा कर साथ-साथ न लगाया जाए. मनोरंजन कर को प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में शामिल किया जाए और कुछ रेडियो उपकरणों पर सीमा शुल्क की छूट दी जाए.

प्रतिनिधिमंडल में मनोरंजन उद्योग की कई नामी हस्तियां फिल्म निर्माता रमेश सिप्पी, यश चोपड़ा, महेश भट्ट, फिक्की के महासचिव अमित मित्रा और जी इंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका शामिल थे. उद्योग ने अपनी मांगों में कहा है कि कॉपीराइट पर एक साथ वैट और सेवा कर नहीं लगना चाहिए, क्योंकि यह दोहरा कराधान है.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने संगीत अधिकार, सैटेलाइट अधिकार, होम वीडियो अधिकार को आयकर अधिनियम में शामिल किए जाने की मांग की है. उद्योग ने कहा है कि मल्टीप्लेक्स आपरेटरों को जीएसटी के लागू होने तक संपत्ति के किराये पर सेवा कर की छूट मिलनी चाहिए. साथ ही छोटे कस्बों के स्टेशनों पर इस्तेमाल होने वाले रेडियो उपकरणों को सीमा शुल्क की रियायत दी जानी चाहिए.

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