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मायावती बोलीं: बसपा को बदनाम कर रही भीम आर्मी

बसपा अध्यक्ष मायावती ने भीम आर्मी और बहुजन यूथ फॉर मिशन जैसे संगठन बसपा के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. दलित कालोनियों में रहने वाले हमारे भोले भाले लोगों को बता रहे हैं कि वह बहनजी को प्रधानमंत्री बनाएंगे.

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aajtak.in[Edited By: कुबूल अहमद]नई दिल्ली, 24 November 2018
मायावती बोलीं: बसपा को बदनाम कर रही भीम आर्मी बसपा अध्यक्ष मायावती (फोटो-PTI)

बसपा अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को भीम आर्मी जैसे संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बीजेपी के इशारों पर खेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बसपा को मालूम चला है कि भीम आर्मी, बहुजन यूथ फॉर मिशन 2019- अगली प्रधानमंत्री बहन जी जैसे संगठन हमारे विपक्ष द्वारा पर्दे के पीछे से चलाए जा रहे हैं.

मायावती ने कहा कि जो लोग भी बसपा विरोधी संगठनों को चला रहे हैं वह दलित कालोनियों में रहने वाले हमारे भोले-भाले लोगों को बता रहे हैं कि वह बहनजी को प्रधानमंत्री बनाएंगे.

बता दें कि बसपा से निष्कासित किए गए पार्टी उपाध्यक्ष रहे जय प्रकाश इन दिनों मायावती को पीएम बनाने लिए बहुजन यूथ फॉर मिशन 2019 के तहत रथ लेकर यूपी में दौरा कर रहे हैं.

मायावती ने कहा, 'भीम आर्मी जैसे संगठन भोले भाले लोगों को बहका रहे हैं. ये बसपा के बढ़ते आंदोलन पर ऐसे संगठन रोड़ा है. बसपा सभी धर्मो और जातियों की पार्टी है. वहीं भीम आर्मी जैसे संगठन व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए बने हैं. इस तरह के संगठन चलाने वाले लोग लोगों से अपना व्यवसाय चलाने और अपने कार्यक्रमों में लोगों को इकट्ठा करने के लिए कह रहे है. यही नहीं ये संगठन लोगों से कह रहे हैं कि वह केवल बसपा और बहनजी को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं. वह लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं और उनसे फंड इकट्ठा करके उनका व्यक्तिगत इस्तेमाल कर रहे हैं.

मायावती ने कहा कि इस तरह के संगठन न केवल अपनी और विपक्ष की स्वार्थी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसा करते हैं बल्कि वह हमारे निर्दोष लोगों को ऊंची जाति के खिलाफ उकसाते हैं और नफरत फैलाने का काम करते हैं.

अयोध्या के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा, 'केंद्र में बीजेपी सरकार को पांच साल पूरे होने वाले हैं. कुछ महीनों बाद आम चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बीजेपी खासतौर से नरेंद्र मोदी ने 2014 में लोगों से किए गए 50 प्रतिशत वादे भी पूरे नहीं किए हैं. बीजेपी और पीएम को यह पता है. उन्हें यह महसूस हो गया है कि वह सत्ता में वापस नहीं आएंगे.  

राम मंदिर के बहाने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि वह अपनी असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए राम मंदिर के मामले को उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर उनकी भावनाएं अच्छी होती तो उन्हें राम मंदिर के लिए पांच साल तक इंतजार नहीं करना पड़ता. यह उनकी राजनीतिक रणनीति है और इसके अलावा कुछ नहीं. बीजेपी के सहयोगी शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद जो भी कर रहे हैं वह एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है.

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