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कल-कारखाने के बजाए नीतीश ने शराब की दुकानें खुलवाईं: पासवान

लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने बिहार की नीतीश सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया है.

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भाषापटना, 02 November 2010
कल-कारखाने के बजाए नीतीश ने शराब की दुकानें खुलवाईं: पासवान

लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने बिहार की नीतीश सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि इस सरकार ने प्रदेश में कल-कारखाने के बजाए गांव-गांव शराब की दुकानें खुलवाकर ग्रामीण सामाजिक परिवेश को बिगाड़ने का काम किया.

गया के बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में राजद-लोजपा प्रत्याशी के पक्ष में आज एक जनसभा को संबोधित करते हुए पासवान ने बिहार की नीतीश सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने प्रदेश में कल-कारखाने के बजाए गांव-गांव शराब की दुकानें खुलवाकर ग्रामीण सामाजिक परिवेश को बिगाड़ने का काम किया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपने पांच साल के शासनकाल के दौरान प्रदेश की जनता को ठगने का आरोप लगाते हुए पासवान ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश का अता-पता भी नहीं रहेगा.

पासवान ने कहा कि बिहार में सत्ता में आने पर नीतीश ने विकास का नारा दिया था पर उन्होंने प्रदेश में एक सुई का कारखाना भी नहीं खोला. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनकी बात गलत हो तो वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे.

पासवान ने कहा कि पहले शहरों में शराब की दुकाने होतीं थी पर वर्तमान प्रदेश सरकार ने अब हर पंचायत में शराब की चार दुकानें खुलवा दी हैं.

पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपने पिछले पांच साल के दौरान प्रदेश के लोगों को शराबी बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगले पांच साल अगर उन्हें बिहार में और शासन करने का मौका मिला तो नीतीश सबको जुआरी बना देंगे.

पासवान ने कहा कि किसी प्रदेश के विकास का पैमाना उस राज्य में बिजली का उत्पादन और उसकी उपलब्धता है पर झारखंड सहित कई अन्य प्रदेशों में जहां लोगों को अब 24 घंटों बिजली उपलब्ध होती है, वहीं बिहार में लोगों को पांच घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती है.

उन्होंने कहा कि बिजली के अभाव में कल-कारखाने नहीं खुल पा रहे, जिससे रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे और युवाओं को रोजी-रोटी की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है.

पासवान ने कहा कि केंद्र में मंत्री पद पर रहते उन्होंने अपने प्रयासों से बिहार के बोधगया, बेतिया और हाजीपुर में तीन स्टील कारखाने स्थापित किए पर बोधगया का कारखाना बिजली के अभाव में ठप है.

बिहार की नीतीश सरकार के सुशासन के वादे को झूठा बताते हुए पासवान ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में 4 लाख 98 हजार संगीन अपराध हुए हैं और नीतीश स्वयं भी एक मामले में आरोपी हैं.

पासवान ने वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में लूट-मार और भ्रष्टाचार का बोलबोला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में राज्य 11 हजार 412 करोड रूपये के कथित घोटाले की बात कही गयी है.

उन्होंने प्रदेश में इंदिरा आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी भ्रष्टाचार का बोल-बाला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष गरीबों के लिए 15 लाख मकान बनने चाहिएं पर पचास हजार भी नहीं बन पाए.

पासवान ने कहा कि प्रदेश में यही हालत बीपीएल सूची और नरेगा की है. प्रदेश के नौ करोड लोगों में से छह करोड लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने को विवश हैं पर उनमें से केवल 23 लाख लोगों को ही रोजगार मुहैया कराया गया है.

उन्होंने कहा कि नरेगा के तहत गरीब लोगों को साल में सौ दिनों का रोजगार मिलना चाहिए था पर उन्हें केवल 24 दिन रोजगार मिल पाया है.

नीतीश पर दलित समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए पासवान ने महादलित समुदाय को मिलने वाले सरकारी लाभ में पासवान जाति को छांट देने का आरोप लगाया.

पासवान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश के कल्याण बिगहा में चार सौ मुसहर जाति के लोगों में से एक नाम भी न तो बीपीएल सूची में शामिल है और न ही उन्हें इंदिरा आवास मिल पाया है. उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री अपने गांव के लोगों को इसका लाभ नहीं दिला पाए तो प्रदेश के अन्य लोगों को कैसे दिला पाएंगे.

नीतीश पर गरीबों को ठगने का आरोप लगाते हुए पासवान ने कहा कि पहले गरीबों को आवास के लिए सरकार द्वारा 12 डिस्मल भूमि दिए जाने का प्रावधान था पर उसे घटाकर वर्तमान राज्य सरकार ने तीन डिस्मल कर दिया और वह भी लोगों को नहीं मिल पाया है.

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