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नीतीश मंत्रिमंडल ने मौजूदा बिहार विधानसभा को भंग करने को मंजूरी दी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में मौजूदा यानी 14वीं बिहार विधानसभा को भंग किए जाने को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी.

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Sahitya Aajtak 2018
भाषापटना, 24 November 2010
नीतीश मंत्रिमंडल ने मौजूदा बिहार विधानसभा को भंग करने को मंजूरी दी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में मौजूदा यानी 14वीं बिहार विधानसभा को भंग किए जाने को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी.

मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग के प्रधान सचिव अफजल अमानुल्लाह ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेतृत्व में मंत्रिपरिषद की संपन्न बैठक में उक्त आशय का निर्णय किया.

उन्होंने बताया, ‘वर्तमान सरकार के पांच वष्रो के कार्यकाल की समाप्ति पर राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में वर्तमान विधानसभा को कल यानि 24 नवंबर के प्रभाव से भंग किया जाएगा.’ अमानुल्लाह ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने सभी सरकारी सेवकों को अपने कार्यकाल में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया.

बिहार मंत्रिमंडल के इस निर्णय को लेकर अधिसूचना जारी होने के बाद राज्यपाल द्वारा मौजूदा बिहार विधानसभा को भंग किए जाने को लेकर निर्णय किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद परिणाम घोषित हो जाने पर नयी सरकार के गठन को लेकर मार्ग प्रशस्त किए जाने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश के राज्यपाल देवानंद कुंवर से भेंटकर उन्हें अपना त्यागपत्र सौंपेंगे.

बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग के प्रधान सचिव अफजल अमानुल्लाह ने बताया कि वैसे तो वर्तमान बिहार विधानसभा के गठन की अवधि आगामी 27 नवंबर को स्वत: समाप्त हो रही हैं, लेकिन बुधवार को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित हो जाने पर अगली सरकार बनने के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके. इसको ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल की बैठक हुई.

मौजूदा बिहार विधानसभा को भंग करने को लेकर लिए मंत्रिमंडल द्वारा निर्णय लिए जाने से पूर्व राज्य के महाधिवक्ता पी के शाही को बुलाकर इसको लेकर विधिक विचार-विमर्श किया गया.

अमानुल्लाह ने बताया कि वर्तमान मंत्रिपरिषद की पहली बैठक 25 नवंबर 2005 को संपन्न हुई और इस सरकार के कार्यकाल में मंत्रिपरिषद की कुल 236 बैठकें संपन्न हुई, जिसमें कुल 4991 प्रस्ताव आए और उनमें से 4762 को मंत्रिपरिषद द्वारा मंजूरी प्रदान की गयी.

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान मंत्रिपरिषद की पहली बैठक 11 मार्च 2000 में संपन्न हुई थी और अंतिम बैठक 6 मार्च 2005 में संपन्न हुई थी.

अमानुल्लाह ने बताया कि नीतीश सरकार के कार्यकाल के दौरान मंत्रिमंडल की कुल 147 बैठकें संपन्न हुई थी, जिसमें शामिल किए गए प्रस्तावों की संख्या 4010 थी और स्वीकृत प्रस्तावों की संख्या 3942 रही थी.

उन्होंने बताया कि केंद्र की तर्ज पर प्रदेश के कर्मचारियों, पेंशनधारकों एवं पारिवारिक पेंशन पाने वालों को भी एक जुलाई 2010 से 10 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने को लेकर प्रदेश सरकार ने आदेश पूर्व में ही जारी कर दिया था जिसे मंगलवार को राज्यमंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी.

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