एडवांस्ड सर्च

कांग्रेस बोली- कर्नाटक के राज्यपाल ने किया संविधान का एनकाउंटर

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के बीजेपी को सरकार बनाने का मौका देने के बाद कांग्रेस ने इसे अनुचित कदम बताया है. कांग्रेस नेताओं ने इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि उन्हें पता चला है कि गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया है.

Advertisement
कुमार विक्रांत/सुप्रिया भारद्वाज [Edited By: भारत सिंह]नई दिल्ली/बेंगलुरु, 17 May 2018
कांग्रेस बोली- कर्नाटक के राज्यपाल ने किया संविधान का एनकाउंटर पी चिदंबरम

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के बीजेपी को सरकार बनाने का मौका देने के बाद कांग्रेस ने इसे अनुचित कदम बताया है. इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेसी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि उन्हें पता चला है कि गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के हस्तक्षेप से राज्यपाल ने संविधान का एनकाउंटर किया है, कानून की धज्जियां उड़ा दी गई हैं. राज्यपाल ने कर्नाटक में बीजेपी की ऐसी सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दिया है जिसके पास न बहुमत है, न जनमत है.

सुरजेवाला ने कहा कि मोदी, अमित शाह और वजुभाई की तिकड़ी कितना भी षड़यंत्र कर लें लेकिन सफल नहीं हो सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल बीजेपी के मुखौटे के रूप में काम कर रहे हैं, न कि संविधान की रक्षक के तौर पर. उन्होंने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल को अपने पद पर एक दिन भी रहने का अधिकार नहीं है.

कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि उनके पास दो विकल्प हैं कि वे इस मामले को लेकर राष्ट्रपति के पास जाएं या कोर्ट में. पार्टी नेता इस बारे में विचार करेंगे कि कौन सा कदम उठाया जाना चाहिए. आपको बता दें कि बुधवार देर शाम सामने आए घटनाक्रम में राज्यपाल की ओर से बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का मौका देने की बात सामने आई. उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है.

उधर, इस मामले पर कर्नाटक में मौजूद पार्टी के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने कहा कि राज्यपाल पर बीजेपी अध्यक्ष और पीएम का दबाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला दबाव में काम कर रहे हैं. गहलोत ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में राज्य सभा चुनाव में मिली हार का बदला लेने की भावना से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बहुमत कांग्रेस के साथ है तो इस लिहाज से उन्हें ही सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.

कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि राज्यपाल को कानूनसम्मत कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत होने के बावजूद हमें सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया. हमने राज्यपाल से मिलकर उन्हें विधायकों के समर्थन की चिट्ठी भी सौंपी थी. हमने इसके साथ ही उन्होंने गोवा के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की कॉपी भी दी थी, जो कि कानून भी है. हमें उम्मीद है कि कानून को नहीं बदला जाएगा.

कांग्रेसी नेता विवेक तन्खा ने कहा कि मुझे लगता है कि बीजेपी को पोचिंग का मौका मिल रहा है. राज्यपाल को सिद्धांतों के आधार पर फैसला करना चाहिए. इस दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि मन की बात अब धन की बात हो गई है. संविधान का इतना पतन पहले कभी नहीं हुआ. कर्नाटक का नाटक, इसका एक छोटा सा प्रतीक है.

आपको बता दें कि मंगलवार को सामने आए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और कर्नाटक प्रज्ञयवंथा जनता पार्टी को क्रमशः 1-1 सीटें मिली हैं. इनके अलावा एक सीट अन्य के हिस्से में भी आई है. कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay