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इतनी करारी हार के बावजूद भी नहीं हारे अखिलेश, देख लें आंकड़े

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, चारों ओर केसरिया यूपी की चर्चा हो रही है. बीजेपी ने पहली बार 325 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है. दूसरे नंबर पर अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी रही. सपा ने कुल 47 सीटों पर जीत दर्ज की. तीसरे नंबर रही मायावती की बीएसपी, वह 19 सीटों पर चुनाव जीती है. कांग्रेस को 7 सीटों पर जीत मिली.

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aajtak.in
कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह लखनऊ, 14 March 2017
इतनी करारी हार के बावजूद भी नहीं हारे अखिलेश, देख लें आंकड़े अखिलेश यादव

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, चारों ओर केसरिया यूपी की चर्चा हो रही है. बीजेपी ने पहली बार 325 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है. दूसरे नंबर पर अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी रही. सपा ने कुल 47 सीटों पर जीत दर्ज की. तीसरे नंबर रही मायावती की बीएसपी, वह 19 सीटों पर चुनाव जीती है. कांग्रेस को 7 सीटों पर जीत मिली.

ये रहा वोट शेयर
आपको बता दें कि इन विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने कुल 384 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. 11 सीटों पर अपना दल और 8 सीटों पर एसबीएसपी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे. वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी को कुल 39.7% वोट मिले. उसके सहयोगी दलों में अपना दल को 1.0% और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 0.7% वोट मिले. यानि बीजेपी के पक्ष में कुल 41.4% वोट पड़े.

अब दूसरे नंबर पर रहे सपा-कांग्रेस गठबंधन की बात करें तो सपा ने 311 विधानसभा सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे थे जबकि कांग्रेस ने 114 स्थानों पर. सपा को चुनावों में कुल 21.8 फीसदी वोट मिले जबकि कांग्रेस को 6.2 प्रतिशत. यानि गठबंधन के पक्ष में कुल 28 फीसदी मतदान हुआ. बीएसपी के हक में कुल 22.2 फीसदी वोट पड़े (बीएसपी ने सभी 403 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे).

तो क्या कम नहीं हुआ अखिलेश का जादू
आपको बता दें कि 2012 के चुनावों में यूपी की जनता ने अखिलेश को बहुमत सौंपा था. उन चुनावों में सपा को कुल 224 सीटों पर जीत मिली थी जबकि उसके पक्ष में कुल 29.29 प्रतिशत वोट पड़े थे. दूसरे नंबर पर बीएसपी थी जिसे कुल 80 सीटें हासिल हुई थीं, जबकि उसका वोट शेयर था 25.95 प्रतिशत.

साफ जाहिर है कि इतनी तगड़ी मोदी लहर के बावजूद वोट शेयर के मामले में अखिलेश का जादू ज्यादा कम नहीं हुआ है क्योंकि सपा के वोट शेयरिंग में जो 7.49 प्रतिशत की कमी आई है उस पर गठबंधन का असर ज्यादा नजर आता है. गौरतलब है कि 114 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद भी कांग्रेस को सिर्फ 6.2 प्रतिशट वोट ही मिला है.

लोकसभा चुनावों में भी था ऐसा ही हाल
2014 में लोकसभा चुनावों के वक्त चली मोदी लहर में भी बीजेपी का कारनामा कुछ ऐसा ही था. राज्य की कुल 80 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 71 और उसकी सहयोगी अपना दल को 2 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. जबकि सपा को 5, कांग्रेस को 2 ही सीटों पर संतोष करना पड़ा था. उस मोदी लहर में बीएसपी का तो खाता ही नहीं खुला था.

वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी के नाम कुल पड़े वोट का 42.3 फीसदी हिस्सा आया था. जबकि उनकी सहयोगी अपना दल को 1.0 प्रतिशत, यानि कुल 43.3% वोट मोदी के नाम पर थे. सपा को कुल 22.2%, कांग्रेस को 7.5% और बीएसपी को 19.6% वोट मिले थे.

अब अगर लोकसभा चुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन की तुलना विधानसभा चुनावों से करें तो पाते हैं कि बीजेपी के पक्ष में विधानसभा चुनावों में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ.

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