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मोदी के गढ़वा घाट जाने के सियासी मायने, सपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश

इस पीठ पर उमड़ने वाली भीड़ से भक्तों की श्रद्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है. पूर्वांचल में आस्था के केंद्र बिंदु गढ़वा घाट और रामनगर जाने का लाभ जहां एक पार्टी को मिलेगा तो वहीं दूसरी पार्टियों को इसका साइड इफेक्ट भी मिलेगा. विरोधियों में हलचल बढ़ गई है. उनके रणनीतिकार भी कुछ करिश्मा करने के मूड में हैं.

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aajtak.in
लव रघुवंशी बनारस, 06 March 2017
मोदी के गढ़वा घाट जाने के सियासी मायने, सपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश गुरु शरणानंद से मिले पीएम मोदी

उत्तर प्रदेश चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है. सातवें और अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वोटिंग होनी है. पीएम मोदी ने भी वाराणसी में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. यहां पीएम लगातार रोड शो कर रहे हैं. सभाओं को संबोधित कर रहे हैं. रविवार रात भी उन्होंने बनारस में गुजारी.

गढ़वा घाट जाने के सियासी मायने
इसी क्रम में सोमवार को पीए मोदी गढ़वा घाट पहुंचे. यहां उन्होंने गायों को चारा खिलाया और संतों से मुलाकात की. पीएम को गढ़वा घाट जाने के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. पीएम के गढ़वाघाट जाने का सियासी मकसद इसलिए निकाला जा रहा है क्योंकि गढ़वा घाट भगवान कृष्ण के वंशजों का है. इस पीठ से कई बड़े राजनेताओं की आस्था जुड़ी हुई है. आश्रम के 1 करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं. इसमें ज्यादातर यादव हैं. पिछड़े और दलित समाद से भी हैं अनुयायी. कुछ समय पहले राज्यसभा सांसद अमर सिंह भी गढ़वा घाट पहुंचे थे. सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव अक्सर यहां आते रहे हैं.

विरोधियों में बढ़ी हलचल
इस पीठ पर उमड़ने वाली भीड़ से भक्तों की श्रद्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है. पूर्वांचल में आस्था के केंद्र बिंदु गढ़वा घाट और रामनगर जाने का लाभ जहां एक पार्टी को मिलेगा तो वहीं दूसरी पार्टियों को इसका साइड इफेक्ट भी मिलेगा. विरोधियों में हलचल बढ़ गई है. उनके रणनीतिकार भी कुछ करिश्मा करने के मूड में हैं.

यादवों का दिल फिर जीतने की कोशिश
पीएम मोदी के इस कदम का मकसद बहुत साफ है. वह इस इलाके के यादव मतदाताओं को अपनी तरफ करने की कोशिश करेंगे. आमतौर पर यादव समुदाय को समाजवादी पार्टी का वोटर माना जाता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यादव मतदाताओं का भी बहुत अच्छा समर्थन मिला था. ऐसे में मोदी की कोशिश यादवों का दिल फिर से जीतने की रहेगी.

पीएम का आध्यात्मिक स्वागत
आश्रम में पहुंचते ही रुद्राक्ष की मालाओं से पीएम का भव्य और आध्यात्मिक स्वागत किया गया. इसके बाद पीएम मोदी ने आश्रम में गौसेवा की. उन्होंने आश्रम में गायों को आटा-गुड़ और हरा चारा खिलाया. इसके बाद पीएम ने आश्रम के संस्थाक गुरुजी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और मौजूदा गुरु शरणानंद से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया.

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