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सम्मान बचाने के लिए शक्ति प्रदर्शन करें मुस्लिम: ओवैसी

ओवैसी ने कहा- 'जब मरीना बीच पर जलीकट्टू प्रथा के समर्थन में लाखों लोग निकले तो दिल्ली तक हवा फैल गई कि लोग अपनी तहजीब को बचाने के लिए निकले हैं. सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चलने के बावजूद, वहां कानून बदल गया. मुस्लिमों को भी सड़क पर उतरना चाहिए और पोलिंग बूथ तक पहुंचना चाहिए.

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aajtak.in
संदीप कुमार सिंह अलीगढ़, 27 January 2017
सम्मान बचाने के लिए शक्ति प्रदर्शन करें मुस्लिम: ओवैसी सम्मान बचाने के लिए शक्ति दिखाएं मुस्लिम: ओवैसी

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों को तमिलनाडु की जनता से सीख लेने की नसीहत दी है. उनका कहना था कि जलीकट्टू पर हुए विरोध प्रदर्शनों की तर्ज पर मुस्लिमों को भी अपने सम्मान की रक्षा के लिए शक्ति प्रदर्शन करना चाहिए. ओवैसी अलीगढ़ में पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे.

'हक के लिए लड़े मुस्लिम'
ओवैसी ने कहा- 'जब मरीना बीच पर जलीकट्टू प्रथा के समर्थन में लाखों लोग निकले तो दिल्ली तक हवा फैल गई कि लोग अपनी तहजीब को बचाने के लिए निकले हैं. सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चलने के बावजूद, वहां कानून बदल गया. मुस्लिमों को भी सड़क पर उतरना चाहिए और पोलिंग बूथ तक पहुंचना चाहिए.

एआईएमआईएम चीफ ने जलीकट्टू मसले की तुलना ट्रिपल तलाक से की. उनका कहना था- 'जब लोग मुझसे ट्रिपल तलाक की बात करते हैं और कहते हैं कि मसला सुप्रीम कोर्ट में है तो मैं कहता हूं कि जलीकट्टू का क्या हाल है.' ओवैसी के मुताबिक मुसलमानों ने 65 साल तक दूसरों पर भरोसा किया. अब उन्हें अपनों को मौका देना चाहिए. उन्होंने अपने समर्थकों से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को बचाने के लिए संघर्ष का भी आह्वान किया.

'दाढ़ी वालों से नफरत क्यों?'
गणतंत्र दिवस पर अबु धाबी के युवराज शेख मोहम्मद बिन जायेद की अगुवानी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने मोदी पर निशाना साधा. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री एक इस्लामिक देश के नाम का झुककर स्वागत करते हैं तो फिर अपने मुल्क में दाढ़ीवालों से नफरत क्यों करते हैं.

'अखिलेश और मोदी छोटे मियां, बड़े मियां'
ओवैसी का कहना था कि लोग मुसलमानों को निकाह और तलाक पर नसीहत दे रहे हैं. लेकिन ये परंपराएं हजारों साल से चली आ रही हैं और तमिलनाडु के लोगों की तरह मुस्लिम भी अपनी विरासत की हिफाजत करेंगे. उनकी राय में अखिलेश और मोदी 'छोटे मियां और बड़े मियां' हैं. दोनों विकास की बात करते हैं लेकिन दोनों के राज में विनाश हुआ है. ओवैसी का कहना था कि अखिलेश पहले अपने बाप के हो जाएं फिर गरीबों के होने की बात करें.


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