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सपा विवाद में नया मोड़, मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को बताया अगला मुख्यमंत्री

पिछले कई महीनों से समाजवादी पार्टी में जारी जंग पर विराम लगाते हुए मुलायम सिंह यादव ने बड़ा बयान दिया है. मुलायम ने कहा कि समाजवादी पार्टी में अब कोई विवाद नहीं है और अखिलेश यादव ही पार्टी की ओर से अगले मुख्यमंत्री होंगे.

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कुमार अभिषेक/बालकृष्ण/जितेंद्र बहादुर सिंह [Edited By: लव रघुवंशी]नई दिल्ली, 10 January 2017
सपा विवाद में नया मोड़, मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को बताया अगला मुख्यमंत्री सपा कार्यकर्ता के हाथ में पोस्टर

पिछले कई महीनों से समाजवादी पार्टी में जारी जंग पर विराम लगाते हुए मुलायम सिंह यादव ने बड़ा बयान दिया है. मुलायम ने कहा कि समाजवादी पार्टी में अब कोई विवाद नहीं है और अखिलेश यादव ही पार्टी की ओर से अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी एक है और वो अखिलेश के लिए राज्यभर में प्रचार करेंगे. मुलायम की मानें तो समाजवादी पार्टी में बिखराव का सवाल ही नहीं उठता है. यानी मुलायम गुट ने अखिलेश गुट के सामने घुटने टेक दिए.

इससे पहले मुलायम सिंह यादव सोमवार को चुनाव आयोग गए और पार्टी चिह्न 'साइकिल' पर दावा जताया. मुलायम सिंह ने कहा कि पार्टी सिंबल पर फैसला आयोग करेगा. हमने अपनी बात चुनाव आयोग के सामने रख दी है. इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह और शिवपाल के साथ मीटिंग कर इस मामले पर चर्चा की. मुलायम सिंह के साथ अमर सिंह भी चुनाव आयोग गए थे. 9 जनवरी को चुनाव आयोग के सामने जवाब दाखिल करने का आखिरी दिन था.

इस बीच, अखिलेश गुट ने भी चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी सिंबल पर अपना दावा पेश किया. रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही पेश कर चुकी है और आयोग से जल्द फैसले का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग साइकिल को फ्रीज कर देता है तो ऐसे हालात में वो आयोग से 'मोटरसाइकिल' को चुनाव-चिह्न के लिए मांग करेंगे.

अखिलेश को बहका रहे हैं कुछ लोग: मुलायम
इससे पहले, चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने के बाद मुलायम सिंह मीडिया से मुखातिब हुए. मुलायम सिंह ने कहा कि पार्टी सिंबल पर फैसला आयोग करेगा. हम एक पत्र जारी करेंगे उसी के आधार पर उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे. मुलायम सिंह ने कहा कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं. जो थोड़े-बहुत हैं वे जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे. मुलायम सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुटने को कहा. साथ ही कहा कि बेटे से कोई मतभेद नहीं है. मुलायम सिंह ने कहा कि कुछ लोग अखिलेश को बहका रहे हैं. अखिलेश बेटा है क्या किया जा सकता है. जल्द सभी मतभेद सुलझ जाएंगे.

आयोग के सामने मुलायम गुट ने रखी ये बातें...
-पार्टी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष को हटाया नहीं जा सकता.
-राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने के लिए 30 दिन का नोटिस देना जरूरी है जिसका पालन 1 जनवरी के अधिवेशन में नहीं किया गया.
-नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जरूरी है ताकि सभी लोगों को इसके लिए बराबर मौका मिल सके. इसका पालन नहीं किया गया.
-रामगोपाल यादव पहले ही महासचिव पद से हटा दिए गए थे. वह कोई प्रस्ताव नहीं ला सकते. उन्हें ट्विटर के जरिए पार्टी में फिर से शामिल किया गया जो कि वैध नहीं है.
-मुलायम सिंह को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया तो नए अध्यक्ष के चुनाव का सवाल ही कहां उठता है.

EC से जल्द फैसले की अपील
इस बीच, अखिलेश खेमा भी चुनाव आयोग पहुंचा है. मुलायम के बाद अखिलेश गुट की ओर से नरेश अग्रवाल और रामगोपाल यादव चुनाव आयोग पहुंचे. अखिलेश खेमे के नीरज शेखर, अक्षय यादव, सुरेंद्र नागर, अभिषेक मिश्रा, नीरज शेखर, किरनमय नंदा भी चुनाव आयोग गए थे. आयोग से मुलाकात के बाद रामगोपाल यादव ने कहा कि हमनें अपनी बात आयोग के सामने रख दी है. आयोग से जल्द फैसला लेने का आग्रह किया है.

अखिलेश गुट ने जमा किए दस्तावेज
अखिलेश गुट ने पार्टी सिंबल पर अपने अपने दावे से जुड़े दस्तावेज पहले ही जमा करा दिए हैं. आयोग ने दोनों पक्षों को अपने-अपने कागजात 9 जनवरी तक जमा करने को कहा था. इससे पहले अखिलेश गुट की ओर से शनिवार को करीब 90 फीसदी विधायकों, सांसदों और प्रतिनिधियों के समर्थन का एफिडेविट 6 बक्सों में चुनाव आयोग को सौंप जा चुका हैं.

लखनऊ दफ्तर के बाहर शिवपाल समर्थकों का हंगामा
सपा सिंबल को लेकर दिल्ली में जारी सियासी जंग के बीच सोमवार को लखनऊ में शिवपाल यादव के समर्थकों ने हंगामा किया. लखनऊ दफ्तर में एंट्री को लेकर शिवपाल समर्थकों ने नारेबाजी भी की. शिवपाल के समर्थकों ने कहा कि हमें पार्टी दफ्तर में घुसने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने अखिलेश पर भ्रमित होने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ लोग परिवार और पार्टी में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं.

मैंने हमेशा पुल का काम किया है: आजम खान
इस बीच, आजम खान ने कहा कि कोई पहली बार तो ऐसा नहीं हुआ है. दोनों गुट पहले भी गए हैं. दो चीजें है कि पार्टी किसके हक में जाएगी और सिंबल किसके पास जाएगा. गेंद इलेक्शन कमीशन के पाले में है. सुलह की कोशिशों पर आजम खान ने कहा कि मैंने हमेशा पुल का काम किया है. बहुत धुंध है. कोशिश जारी है. अभी अंधेरा नहीं हुआ है. सभी ऐहतियात बरतना चाहिए कि रिश्तों में और खटास ना हो. इस सबसे मुसलमानों का हाल सबसे बुरा है, वो इस बात से डरे हैं कि कहीं इससे फायदा बीजेपी को ना हो जाए और फासिस्ट ताकतों को फायदा ना हो जाए.

इससे पहले रविवार को मुलायम सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में साफ कहा कि मैं अब भी समाजवादी पार्टी का अध्यक्ष हूं और शिवपाल यादव सपा के यूपी अध्यक्ष हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव पार्टी से बाहर किए जा चुके हैं, ऐसे में उन्हें अधिवेशन बुलाने का कोई अधिकार नहीं. वहीं सूत्रों से खबर है कि अमर सिंह ने मुलायम सिंह के सामने पार्टी से इस्तीफे की पेशकश की है.

वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी लीडर एनडी तिवारी ने मुलायम सिंह यादव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अखिलेश को राजनीतिक विरासत सौंप दें.

अब सबकुछ अखिलेश का: मुलायम
रविवार को दिल्ली पहुंचकर मुलायम ने शिवपाल यादव और अमर सिंह के साथ बैठक की. इस दौरान बाहर नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं को उन्होंने बुलाया और कहा कि अखिलेश मेरा ही लड़का है. अब हम क्या करें, वह जो कर रहा है उसे करने दो, हम क्या कर सकते हैं. मार थोड़े ही देंगे. अब सब कुछ उसके पास है, मेरे पास क्या है. मेरे पास तो गिनती के विधायक हैं. अखिलेश के खिलाफ मुलायम कुछ भी नहीं बोले, हां यह जरूर कहा कि कई जगह सड़कों का विकास हुआ है, तो उसमें पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर शिवपाल यादव का भी योगदान है. कुछ इस तरह मुलायम ने शिवपाल की तारीफ कर दी. उस वक्त शिवपाल साथ ही बैठे थे.

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