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MP में 70 फीसदी से अधिक मतदान

मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार को 70 फीसद से अधिक मतदान हुआ, जबकि मिजोरम में 81 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है.
MP में 70 फीसदी से अधिक मतदान मध्य प्रदेश, मिजोरम में मतदान
आईएएनएस [Edited By: मलखान सिंह]भोपाल, 26 November 2013

मध्य प्रदेश में नई विधानसभा के गठन के लिए सभी 230 सीटों पर सोमवार को शांतिपूर्ण मतदान हुआ. इस दौरान 70 फीसदी मतदाताओं ने अपने मत डाले. कुछ स्थानों पर छिटपुट हिंसा हुई और मतदान का बहिष्कार किया गया.

राज्य में 230 विधानसभा क्षेत्रों में 2586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आठ दिसंबर को होने वाली मतगणना में सामने आएगा. राज्य के कई इलाकों में देर शाम तक बिजली की रोशनी में भी मतदान का क्रम जारी रहा, इसके चलते मतदान का प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है. इस बीच राज्य के चंबल इलाके में कुछ स्थानों पर छिटपुट हिंसा हुई, जबकि कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने मूलभूत सुविधा के अभाव के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया.

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जयदीप गोविंद ने सोमवार की शाम संवाददाताओं को बताया, 'राज्य में कुछ उपद्रव के बावजूद मतदान शांतिपूर्ण रहा. करीब 70 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. सबसे अधिक मतदान होशंगाबाद में 83.19 प्रतिशत और सबसे कम सतना में 54.44 प्रतिशत दर्ज किया गया.'

गोविंद ने कहा, 'राज्य में 16 स्थान ऐसे हैं जहां मतदाताओं ने आंशिक अथवा पूर्ण रूप से मतदान का बहिष्कार किया. सड़क, बिजली व पानी सहित अन्य समस्याओं को लेकर रायसेन के उदयपुरा उमरिया के बांधवगढ, रतलाम के आलोट, मरैना के अम्बाह, बैतूल के घोडाडोंगरी, राजगढ के नरसिंहगढ, दमोह के पथरिया, दतिया के सेंवढा, भांडेर में कुल 16 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार किया.'

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार राज्य में 23 स्थानों पर ईवीएम को बदला गया है. इसके अलावा कटनी जिले के बडवारा में चुनाव ड्यूटी कर रहे एक सहायक शिक्षक के. बी. श्रीवास्तव की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई. वहीं मुरैना जिले के सुमावली विधानसभा क्षेत्र में भारी भीड़ जमा होने पर 20 मिनट के लिए मतदान दल ने मतदान केंद्र को बंद कर मतदान को रोके रखा.

गोविंद ने बताया, 'मतदान का समय गुजर जाने के बावजूद मतदान कई मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाताओं की कतार लगी होने के कारण रोशनी का इंतजाम कर मतदान कराया जा रहा है. इससे मतदान का प्रतिशत 70 प्रतिशत से बढ़ सकता है.'

राज्य के मतदान के प्रतिशत पर नजर दौड़ाई जाए तो पहले दो घंटे में 15 प्रतिशत चार घंटे में 12 बजे तक 26 प्रतिशत, दोपहर दो बजे तक 43.36 चार बजे तक 55.56 प्रतिशत और मतदान का निर्धारित समय खत्म होने तक यह आंकड़ा 70 प्रतिशत को पार कर गया.

2586 उम्मीदवार की किस्मत का फैसला
राज्य में 230 विधानसभा क्षेत्रों में 2586 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां एक चरण में मतदान हुआ. राज्य के चार करोड़ 66 लाख से ज्यादा मतदाताओं में से 70 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान शुरू होने से पहले सभी मतदान केंद्रों में मॉक मतदान किया गया.

कई स्थानों पर मतदान का समय शुरू होने से पहले ही मतदाता पहुंचने लगे थे. सुबह के समय ठंड ज्यादा होने के कारण मतदान केंद्रों पर कतारें ज्यादा लंबी नहीं थीं, मगर धूप के साथ गर्मी बढ़ने के साथ मतदाताओं के मतदान केंद्रों तक पहुंचने का क्रम बढ़ने लगा. राज्य के शहरी इलाकों में अधिकांश मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं.

नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों लांजी, बैहर व परसवाड़ा में मतदान जहां सुबह 7.00 बजे शुरू हुआ, वहीं शेष 227 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8.00 बजे मतदान शुरू किया गया.

मतदान को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. राज्य पुलिस के साथ अर्धसैनिक सुरक्षा बलों को भी बड़ी संख्या में तैनात किया गया था. वहीं नक्सल प्रभावित बालाघाट व सिंगरौली में हेलीकॉप्टर से निगरानी की गई. राज्य के अन्य राज्यों की सीमा से जुड़े 35 जिलों की सीमाएं इस दौरान सील रहीं.

सीएम शिवराज सिंह ने परिवार के साथ किया मतदान
राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ सीहोर के जैत गांव में मतदान किया. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मतदान किया. कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी ने भोजपुर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने राधौगढ़ में मतदान किया.

छिटपुट हिंसा के बीच हुई वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मुरैना और भिंड में चार-चार स्थानों पर उम्मीदवारों के समर्थकों ने गोलीबारी की. इसके अलावा मुरैना के सुमावली विधानसभा क्षेत्र में उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए हवा में गोली चलाना पड़ी. इसके अलावा मुरैना के सुमावली विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को छीनने पर बीएसएफ के जवानों को गोली चलानी पड़ी. इसमें दो लोगों के घायल होने की सूचना है, मगर उपद्रवी ईवीएम मशीन नहीं ले जा सके.

राज्य में चंबल क्षेत्र के मुरैना व भिंड में कई स्थानों पर हिंसा हुई. भिंड के लहार में ईवीएम मशीन तोड़ी गई, तथा बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गोलीबारी भी हुई. इसके अलावा कांग्रेस कार्यकताओं पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं ने भी गोलीबारी की.

अन्य हिंसक घटनाओं में अटेर विधानसभा में पथराव हुआ, जबकि सियावली में भाजपा कार्यकतरओ ने बहुजन संघर्ष दल के उम्मीदवार नरोत्तम नरवरिया के साथ मारपीट की.

मुरैना के धसटुआ में भी ईवीएम लूट ली गई. सुमावली में कांग्रेस व बसपा के कार्यकर्ताओं में मारपीट हुई. इसी विधानसभा क्षेत्र के नयापुरा में मतदान केंद्र में घुसने की कोशिश की गई. सिवनी जिले के मालवापुरा में एक मतदान केंद्र पर कब्जा कर लिया गया. कब्जे का आरोप बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर है.

बीजेपी-कांग्रेस के बीच मुकाबला
राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज इस बार दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं. अपनी परंपरागत सीट बुधनी के अलावा वह अपने पुराने संसदीय क्षेत्र विदिशा से भी प्रत्याशी हैं. इसके अलावा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री बाबूलाल गौर भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र से किस्मत आजमा रहे हैं.

इसके अलावा बीजेपी ने इस बार इंदौर के महू से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विदिशा के सिरोंज से मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, सागर जिले के रहली क्षेत्र से गोपाल भार्गव, ग्वालियर के भितरवार से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा, दतिया से सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा, जयंत मलैया को दमोह, यशोधराराजे सिंधिया को शिवपुरी से उम्मीदवार बनाया है.

वहीं, कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचैरी को भोजपुर, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को सीधी जिले के चुरहट, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को रीवा के सिरमौर, पूर्व मंत्री के. पी. सिंह को शिवपुरी जिले के पिछोर, यादवेंद्र सिंह को टीकमगढ़, विक्रम सिंह नाती राजा को राजनगर, पूर्व मंत्री मुकेश नायक को पवई, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को पुत्र जयवर्धन सिंह को राधौगढ़ से उम्मीदवार बनाया है.

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आइजॉल के कई मतदान केंद्रों में लोगों के बढ-चढकर मतदान करने की रिपोर्ट मिली हैं. मिशन वेंग और थकथिंग इलाकों में मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू होने से पहले ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. मतदाता अपने परिवार के बुजर्गों को मतदान के लिए सुबह मतदान केंद्रों पर लेकर आए.

मुख्यमंत्री ललथनहवला ने जरखावत-दो मतदान केंद्र पर अपनी पत्नी ललरिलियानी के साथ मतदान किया. यह मतदान केंद्र जरखावत क्षेत्र के बाबुतलांग इलाके में गवर्नमेंट कम्बाइंड मिडल स्कूल की इमारत में है.

मिजोरम के 6.8 लाख से अधिक मतदाता हैं. 142 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. यहां सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था, मुख्‍यमंत्री ललथन हवला सुबह नौ बजे अपना मत देने के लिए घर से निकले. यहां मतगणना 9 दिसंबर को होगी.

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